अमरकंटक में गिरा था माता सती का बायां कूल्हा, जानिए इस शक्तिपीठ का महत्व
ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदू धर्म में धार्मिक स्थलों को विशेष माना गया हैं वही हमारे देश में प्रमुख सात नदियों में से एक नर्मदा और तीन प्रमुख महानदी में से एक सोन की उद्गम स्थली है अमरंकटक। इसके अलावा जो इसकी सबसे बड़ी पहचान है वह है यहां पर स्थित 51 शक्तिपीठों में से एक शोण शक्तिपीठ या फिर कहें कालमाधव शक्तिपीठ। यह मंदिर सफेद पत्थरों का बना है और इसके चारों ओर तालाब हैं मान्यता है कि यहां पर देवी सती का बायां कूल्हा गिरा था। कुछ लोगों का मानना है कि यहां पर सती का कंठ गिरा था। जिसके बाद यह स्थान अमरकंठ और उसके बाद अमरकंटक कहलाया। तो आज हम आपको इसके बारे में बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।
शक्ति का यह पावन स्थल काफी सिद्ध और शुभ फल देने वाला हैं माता के दर्शन मात्र से ही भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं यही कारण है कि दूर दूर से लोग माता के इस पावन दरबार में आकर साधना करते हैं और अपनी मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए मां से प्रार्थना करते हं नवरात्रि के अवसर पर यहां पर देवी के भक्तों तांता लगा रहता हैं।