कष्टभंजन हनुमान मंदिर में एक साथ हैं हनुमान और शनिदेव, नहीं होता शनि की कुदृष्टि का प्रभाव
ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदू धर्म में पूजा पाठ के साथ साथ धार्मिक स्थलों को भी विशेष महत्व दिया जाता हैं वही कहा जाता है कि शनिवार को हनुमान जी की पूजा करने वालों पर शनिदेव दयावन रहते हैं हनुमान और शनि के इस संबंध का प्रतीक है गुजरात में भावनगर के सारंगपुर में भगवान हनुमान का एक प्राचीन मंदिर। जिसे कष्टभंजन हनुमान जी के नाम से जाना जाता हैं यह मंदिर अपने आप में बेहद खास हैं क्योंकि इस मंदिर में श्री हनुमान जी के साथ शनिदेव भी विराजमान हैं साथ ही यहां शनिदेव स्त्री रूप में हनुमान जी के चरणों में बैठे दिखाई देते हैं
ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर को लेकर कहा जाता है कि अगर किसी भी भक्त की कुंडली में शनिदोष हो तो कष्टभंजन हनुमान के दर्शन और पूजन करने से इसका प्रभाव समाप्त हो जाता हैं साथ ही यहां आने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं तो आज हम आपको इसी मंदिर के बारे में बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।
जानिए भव्य और समृद्ध मंदिर के बारे में—
आपको बता दें कि विशाल और भव्य किले की तरह बना कष्टभंजन का अतिसुंदर और चमत्कारी मंदिर हैं ऐसा भी कहा जाता है कि केसरीनंदन के मंदिरों में से कष्टभंजन हनुमान मंदिर सबसे वैभवपूर्ण मंदिर हैं गुजरात में अहमदाबार से भावनगर की ओर जाते हुए करीब 175 किलोमीटर की दूरी पर कष्टभंजन हनुमान जी का यह स्थान हैं
किसी राजा के स्थान की तरह सजे इस मंदिर के विशाल और भव्य मंडप के बीच 45 किलो सोने और 95 किलो चांदी से बने एक सुंदर सिहासन पर हनुमान जी विराजमान हैं उनके शीश पर हीरे जवाहरात का मुकुट हैं और पैरों के पास एक सोने की गदा भी रखी हुई हैं उनके चारों ओर वानरों की सेना दिखाई देती हैं और उनके पेरों के निकट स्त्री रूपी शनिदेव जी मौजूद हैं मान्यताओं के अनुसार पवनपुत्र हनुमान का स्वर्ण आभूषणों से लदा हुआ ऐसा भव्य और दुर्लभ रूप कहीं और देखेने को नहीं मिलता हैं।