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भगवान शिव के 101 मंदिरों की श्रृंखला है बटेश्वर नाथ धाम, जानिए विस्तार से

 

जयपुर एस्ट्रो डेस्क: श्रावण मास का पवित्र महीना चल रहा हैं यह मास शिव पूजा को समर्पित होता हैं इस पूरे महीने भगवान भोलेनाथ की आराधना की जाती हैं। वही देशभर में देवों के देव महादेव के बहुत सारे मंदिर हैं इन सभी के पीछे एक दिलचस्प धार्मिक कहानी भी जुड़ी होती हैं

इन्हीं मंदिरों में एक बटेश्वर नाथ मंदि हैं जो उत्तर प्रदेश के आगरा से 70 किलोमीटर दूर यमुना तट पर स्थित हैं इस मंदिर में शिव को मूंछों और बड़े बड़े आंखों के साथ दिखाया गया हैं यहां पर शिव और पार्वती सेठ सेठानी की मुद्रा में बैठे हैं।

शिव की यह मूर्ति दुनिया में इकलौती मूर्ति हैं यह 101 शिव मंदिरों की श्रृंखला के लिए जाना जाता हैं जिसको राजा बदन सिंह भदौरिया द्वारा बनवाया गया था। सावन मास में शिव के इस मंदिर से जुड़ी कथा को आज हम आपको विस्तार से बता रहे हैं तो आइए जानते हैं। 


 
राजा बदन सिंह भदौरिया और तत्कालीन राजा परमार दोनों की रानियां गर्भवती थी। दोनों मित्र ने आपस में समझौता किया कि जिसके भी कन्या होगी, वह दूसरे के पुत्र से शादी करेंगे। दोनों राजाओं के यहां पुत्री ही हुई। परंतु राजा बदन सिंह ने राजा परमार के पास झूठी खबर भिजवा दी कि उनको पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है।

समय बीतता गया राजा परमास अपनी कन्या के विवाह के लिए राजा परमार के पुत्र का इंतजार करते रहे। एक दिन बदन सिंह भदौरिया की बेटी को पता चला कि उसके पिता ने राजा परमार से झूठ बोला हैं और अपने लड़के से शादी करने का वचन दिया है। पिता के वचन को पूरा करने के लिए वह बटेश्वर नामक स्थान पर शिव की कठोर तपस्या करने लगी। पिता की लाज और विनती न सुने जाने के कारण उसने आत्महत्या के लिए यमुना में छलांग लगा दी। 
 
शिव की तपस्या का चमत्कार हुआ। वह कन्या उसी जगह पर पुरुष रूप में उत्पन्न हुई। इसी खुशी के कारण राजा बदन सिंह भदौरिया ने बटेश्वर में एक सौ एक मंदिरों का निर्माण करवाया, जो बटेश्वर धाम के नाम से प्रसिद्ध हुए। यहां पर हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष दूज के समय पर बहुत बड़ा मेला लगता हैं।