3 मिनट के वायरल वीडियो में देखे Khatu Shyaam Ji का वो चमत्कार, जो आज भी दिखता है यहां हर पीपल के पत्तों पर
खाटू श्याम को भगवान कृष्ण का कलयुगी अवतार कहा जाता है। खाटू श्याम भगवान के भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में कई भक्त हैं। खाटू श्याम के वैसे तो कई मंदिर हैं लेकिन एक ऐसा प्राचीन ऐतिहासिक मंदिर है जिसे कलयुग का सबसे बेहतरीन तीर्थ माना जाता है। जिसे चुलकाना धाम के नाम से जाना जाता है। यहां आज भी पीपल का पेड़ स्थित है जिसके सभी पत्तों को खाटू श्याम ने एक ही बाण से छेद दिया था। आइए जानते हैं इस मंदिर के बारे में।चुलकाना धाम में मौजूद पीपल के पेड़ की लोग परिक्रमा करते हैं। कहा जाता है कि इस पीपल के पेड़ की परिक्रमा करने से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। लोग इस पेड़ पर अपनी मनोकामना का धागा भी बांधते हैं।
जानिए कैसे दिखा चमत्कार
पौराणिक कथाओं के अनुसार घटोत्कच भीम का पुत्र था जिसका विवाह राक्षस की पुत्री कामकटंकटा से हुआ था। इनका एक पुत्र था जिसका नाम बर्बरीक था। बर्बरीक को भगवान शिव और विजया माता के आशीर्वाद से कई अनोखी शक्तियां प्राप्त हुई थीं। जब महाभारत का युद्ध चल रहा था तो बर्बरीक ने घोषणा की थी कि जो भी पक्ष हारेगा, मैं उसकी तरफ से युद्ध में शामिल होऊंगा। तब श्री कृष्ण चिंतित हो गए और उनकी वीरता का चमत्कार देखने के लिए अर्जुन और श्री कृष्ण वहां मौजूद थे। तब बर्बरीक ने भगवान कृष्ण की आज्ञा अनुसार एक ही बाण से सभी पत्तों को भेद दिया। तब बाण एक-एक करके सभी पत्तों को भेद रहा था। तभी एक पत्ता टूटकर नीचे गिर गया। कृष्ण ने यह सोचकर उस पर अपना पैर रख दिया कि वह बच जाएगा। लेकिन, बाण भगवान कृष्ण के पैरों के पास आकर रुक गया। तब बर्बरीक ने कहा कि प्रभु आपके पैर के नीचे एक पत्ता है, मैंने बाण को आदेश दिया था कि वह ही पत्ता भेदे। इसके बाद श्री कृष्ण चिंतित हो गए और फिर सुबह ब्राह्मण का वेश धारण कर बर्बरीक के शिविर में पहुंच गए और दान मांगने लगे।
बर्बरीक ने कहा मांगो ब्राह्मण तुम्हें क्या चाहिए
बर्बरीक के इस बलिदान को देखकर श्री कृष्ण ने उसे आशीर्वाद दिया कि कलयुग में तुम मेरे नाम से पूजे जाओगे। कलयुग में लोग तुम्हें खाटू श्याम के नाम से जानेंगे। चुलकाना धाम की पहचान दूर-दूर तक है। लोग श्याम बाबा के दर्शन के लिए दूर-दूर से आते हैं।