खाटू श्याम यात्रा पर जा रहे हैं? तो इन 7 चीजों को जरूर लाएं घर, जीवन में बरसेगी कृपा और सुख-समृद्धि
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध और चमत्कारी धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण के कलियुगीन अवतार बर्बरीक को समर्पित है, जिन्हें भक्त "श्याम बाबा" के नाम से पूजते हैं। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा और भक्ति से खाटू श्याम के दर पर आता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है।मंदिर में दर्शन के साथ-साथ भक्तजन यहां से कुछ विशेष पवित्र वस्तुएं भी लेकर जाते हैं, जिनका संबंध आस्था और सकारात्मक ऊर्जा से होता है। मान्यता है कि इन वस्तुओं को अपने घर में रखने से सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है।
खाटू श्याम मंदिर से क्या-क्या लेकर आएं?
खाटू श्याम जी का चित्र या फोटो
मंदिर परिसर में आपको श्याम बाबा की कई मनमोहक तस्वीरें मिलेंगी। इनमें से कोई एक चित्र अपने घर के पूजा स्थल या ड्राइंग रूम में लगाने से शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा बनी रहती है।विशेषकर मुस्कुराते हुए चेहरे वाली फोटो को शुभ माना जाता है क्योंकि यह घर में आनंद और सकारात्मकता को बढ़ाता है।
चंदन और गुलाल
खाटू श्याम जी की मूर्ति पर चढ़ा हुआ चंदन और गुलाल बहुत पवित्र माना जाता है। इसे भक्तजन तिलक के रूप में घर लाकर पूजा में उपयोग करते हैं। कहा जाता है कि इससे घर में बुरी शक्तियों का प्रवेश नहीं होता।इस चंदन को बच्चों के माथे पर लगाने से उन्हें नजर दोष से भी बचाया जा सकता है।
प्रसाद (चना, रेवड़ी, मिश्री)
खाटू श्याम मंदिर में विशेष रूप से चना, रेवड़ी और मिश्री का प्रसाद मिलता है। यह प्रसाद अत्यंत पवित्र होता है और इसे घर लाकर पूरे परिवार में बांटना शुभ माना जाता है।कई लोग इस प्रसाद को अगले संकट आने तक अपने पूजा घर में सुरक्षित रखते हैं और आवश्यकता पड़ने पर प्रसाद स्वरूप ग्रहण करते हैं।
श्याम नाम का पटका या अंगवस्त्र
मंदिर के बाहर दुकानों पर श्याम नाम से युक्त पटका या अंगवस्त्र मिलता है, जो बहुत शुभ माना जाता है। इसे घर के पूजा स्थल में रखना या भगवान की मूर्ति पर ओढ़ाना विशेष फलदायी होता है।कुछ भक्त इसे खुद पहनकर अपने ऊपर भगवान की कृपा बनाए रखने का प्रतीक मानते हैं।
खाटू श्याम मंदिर की मिट्टी
खाटू धाम की मिट्टी को अत्यंत चमत्कारी माना जाता है। यह मान्यता है कि यहां की मिट्टी में भगवान श्याम की कृपा होती है। इसे छोटे से पात्र में लेकर घर में उत्तर या पूर्व दिशा में रखने से वास्तु दोष दूर होता है और घर में लक्ष्मी का वास बना रहता है।
भभूति (राख)
मंदिर में हवन कुंड से प्राप्त भभूति को भी लोग साथ लाते हैं। यह भभूति शुद्ध और ऊर्जावान मानी जाती है। इसे माथे पर लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मानसिक तनाव कम होता है।इस भभूति को बीमार व्यक्ति को देने से लाभ मिलने की भी मान्यता है।
मोर पंख
इसके अलावा मोर पंख लाना शुभ माना जाता है। मोर पंख को मंदिर में रखें. धार्मिक मान्यता के अनुसार खाटू श्याम से मोर पंख लाने से हमेशा अन्न और धन की बरकत बनी रहती है। साथ ही जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
श्याम कुंड का जल
खाटू श्याम मंदिर के पास ही श्याम कुंड है। धार्मिक मान्यता के अनुसार बर्बरीक ने श्याम कुंड में ही अपना सिर भगवान कृष्ण को समर्पित किया था. मान्यता है कि इस कुंड का पानी कभी खत्म नहीं होता। अगर आप श्याम कुंड जा रहे हैं तो वहां से जल जरूर लाएं और उस जल को घर में छिड़कें। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस उपाय को करने से घर में उत्पन्न नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और परिवार के सदस्यों को खाटू श्याम का आशीर्वाद प्राप्त होता है. साथ ही सभी रोग दूर होते हैं।
इत्र
इसके अलावा खाटू श्याम से इत्र जरूर लाएं। मान्यता है कि इत्र लाने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं। माना जाता है कि खाटू श्याम जी को इत्र और गुलाब के फूल ज्यादा प्रिय हैं। इसी वजह से भक्त उन्हें इत्र और गुलाब के फूल चढ़ाते हैं।