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शब-ए-बारात 2026 की तारीख पर कन्फ्यूजन! 3 या 4 फरवरी - कब मनाई जाएगी माफी की रात?

 

शब-ए-बारात मुस्लिम समुदाय के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, और इस्लाम में इसका बहुत महत्व है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, शब-ए-बारात हर साल शाबान महीने की 14वीं और 15वीं रात के बीच मनाई जाती है। हालांकि, ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार तारीख बदलती रहती है।

शब-ए-बारात 2026 की तारीख

2026 में शब-ए-बारात 4 या 5 फरवरी को होने की संभावना है। हालांकि, यह एक संभावित तारीख है, क्योंकि सही तारीख चांद दिखने के बाद ही घोषित की जाती है।

शब-ए-बारात 2026 को माफी की रात क्यों कहा जाता है?

शब-ए-बारात की रात को इस्लाम में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। दुनिया भर के मुसलमान इसे पश्चाताप या माफी (मगफिरत) की रात के रूप में मनाते हैं। इस रात विशेष प्रार्थनाएं की जाती हैं। ऐसा माना जाता है कि इस रात अल्लाह अपने बंदों की दुआएं कबूल करते हैं और उन्हें माफी देते हैं। इसलिए, इस रात मुसलमान प्रार्थना करते हैं और कुरान पढ़ते हैं, अपने गुनाहों के लिए अल्लाह से माफी मांगते हैं और अपनी गलतियों के लिए पश्चाताप करते हैं।

पूरी रात इबादत और कुरान पढ़ने में बिताई जाती है। शब-ए-बारात की रात लोग अपने दिवंगत रिश्तेदारों की मुक्ति (मगफिरत) के लिए भी दुआ करते हैं। लोग कब्रिस्तान में अपने पूर्वजों की कब्रों पर जाते हैं, फूल चढ़ाते हैं और मोमबत्तियां जलाते हैं। शब-ए-बारात पर रोज़ा भी रखा जाता है, हालांकि यह रोज़ा अनिवार्य नहीं बल्कि स्वैच्छिक होता है।

शब-ए-बारात का महत्व

मुस्लिम धार्मिक विद्वानों के अनुसार, शब-ए-बारात को इस्लाम में चार सबसे पवित्र रातों में से एक माना जाता है (अन्य तीन आशूरा की रात, शब-ए-मेराज और शब-ए-कद्र हैं)। शब-ए-बारात में, "शब" का अर्थ रात और "बारात" का अर्थ पापों से मुक्ति की रात है। शब-ए-बारात इस्लामिक कैलेंडर के आठवें महीने शाबान में मनाई जाती है। इसे इस्लाम में बहुत शुभ महीना माना जाता है। रमज़ान का पवित्र महीना (रमज़ान 2026) शब-ए-बारात के 15 दिन बाद शुरू होता है।