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खाटू श्याम के पास स्थित इस चमत्कारी कुंड में स्नान से मिलता है संतान सुख, वीडियो में जानिए यहां के जल का कभी ना सूखने का रहस्य 

 

मान्यता है कि इन कुंडों में डुबकी लगाने से निःसंतान दंपत्तियों को संतान सुख की प्राप्ति होती है। ऐसे में आज हम आपको श्याम कुंड के बारे में बताने जा रहे हैं। जो खाटू श्याम मंदिर के पास ही है। आपको बता दें, इस पवित्र स्थान पर देश-दुनिया से श्रद्धालु स्नान करने आते हैं। कहा जाता है कि इस कुंड का पानी कभी खत्म नहीं होता। आइए जानते हैं इसके बारे में।

<a href=https://youtube.com/embed/bT30sShYbPc?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/bT30sShYbPc/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden"" title="Khatu Shyam Mandir | खाटू श्याम मंदिर का पवित्र इतिहास, दर्शन, कैसे जाएँ, कथा, मान्यता और लक्खी मेला" width="1250">

कहां है श्याम कुंड
खाटू श्याम मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है और मंदिर के एक किलोमीटर के क्षेत्र में श्याम कुंड मौजूद है। श्याम कुंड का सीधा संबंध कलयुग के देवता यानी हारे का सहारा श्याम बाबा से है। आपको बता दें, महाभारत के युद्ध के दौरान भगवान कृष्ण के मांगने पर श्याम बाबा ने अपना शीश दान कर दिया था और उन्हें शीश के दानी कहा गया। चूंकि श्याम बाबा का शीश इसी स्थान पर प्रकट हुआ था, इसलिए यह स्थान मंदिर जितना ही पवित्र है और इसकी महिमा भी अपार है।

कैसा है श्याम कुंड?
श्याम कुंड एक गहरा और अंडाकार आकार का जलाशय है जिसका जल बहुत पवित्र माना जाता है। खाटू श्याम के दर्शन के लिए आने वाला कोई भी भक्त श्याम कुंड में स्नान जरूर करता है। आपको बता दें, इस कुंड के आसपास कई मंदिर बने हुए हैं, जिनमें प्राचीन हनुमान मंदिर और गायत्री मंदिर आदि शामिल हैं।

साल में कब खुलता है तालाब?

श्याम कुंड बारह महीने पवित्र जल से भरा रहता है। तालाब का पानी जमीन से निकलता है। लोगों का मानना ​​है कि तालाब का पानी कभी खत्म नहीं होता, क्योंकि यह पानी पाताल से आ रहा है। हिंदुओं में इस तालाब के पानी को पवित्र और अमृत के समान माना जाता है।

अहोई अष्टमी पर तालाब में स्नान करने के लाभ
अहोई अष्टमी पर श्याम कुंड में स्नान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसे खाटू का तीर्थ कुंड भी कहा जाता है। इस कुंड में स्नान करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है और बाबा श्याम का आशीर्वाद मिलता है। मान्यता है कि कुंड के पानी में बहुत शक्ति होती है, जिसमें स्नान करने से आपके आस-पास की सभी नकारात्मक चीजें नष्ट हो जाती हैं।

श्याम कुंड में स्नान करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें
श्याम कुंड में स्नान करने से पहले हमें कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। इन बातों का ध्यान न रखने से हम अनजाने में पाप कर सकते हैं। सबसे पहली बात तो यह है कि तालाब में प्रवेश करने से पहले उसके पवित्र जल को माथे पर लगाना चाहिए। इसके बाद तालाब के पानी से स्नान करना चाहिए। इसके साथ ही तालाब में नहाते समय साबुन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। नहाने के बाद कपड़े नहीं धोने चाहिए।

श्यामकुंड कैसे पहुंचें
सड़क मार्ग से: अगर आप जयपुर से आ रहे हैं तो आपको सबसे पहले रींगस पहुंचना होगा। रींगस से खाटू श्याम मंदिर करीब 17 किलोमीटर दूर है। श्यामकुंड खाटू श्याम मंदिर के आसपास ही स्थित है।
यहां बस और टैक्सी सेवाएं भी उपलब्ध हैं, जो आपको आसानी से खाटू श्याम तक पहुंचा सकती हैं।
रेल मार्ग से: खाटू श्याम का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन रींगस है। यहां से आप टैक्सी या बस से श्यामकुंड पहुंच सकते हैं।
दिल्ली, जयपुर और अन्य प्रमुख शहरों से रींगस के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं।
हवाई मार्ग से: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जो खाटू श्याम से करीब 80-90 किलोमीटर दूर है। हवाई अड्डे से आप टैक्सी या बस के माध्यम से रींगस या सीधे खाटू श्याम पहुंच सकते हैं।