300 साल पुराना देश का ऐसा चमत्कारी गणेश मंदिर जहाँ उल्टा स्वास्तिक बनाने से पूर्ण होती है हर मनोकामना, वीडियो में रहस्य जान चौंक जाएंगे आप
मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित खजराना गणेश मंदिर के चमत्कार की कहानी दूर-दूर तक फैली हुई है। यह भक्तों की आस्था का पवित्र स्थल है जहां कदम-कदम पर भगवान के चमत्कार मौजूद हैं। संतान प्राप्ति की कामना से लेकर, धन की कामना, नौकरी की जरूरत से लेकर शिक्षा और बुद्धि के वरदान तक, भक्त इस मंदिर में आते हैं और इसे प्राप्त करते हैं। इस चमत्कारी मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इस मंदिर में स्वयंभू गणपति अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। भक्तों को बस यहां आकर उल्टा स्वास्तिक बनाना होता है।
उल्टे स्वास्तिक का क्या है चमत्कार?
खजराना मंदिर में लोग भगवान गणेशजी के मंदिर के पीछे की दीवार यानी गणेशजी की पीठ पर उल्टा स्वास्तिक चिह्न बनाते हैं और मनोकामना पूरी होने के बाद दोबारा आकर सीधा स्वास्तिक बनाते हैं। कहा जाता है कि यह प्रथा यहां कई सालों से चली आ रही है। मान्यता है कि इस मंदिर में उल्टा स्वास्तिक बनाने से हर मनोकामना पूरी होती है। एक और मान्यता यह है कि मंदिर की तीन परिक्रमा करते हुए धागा बांधने से भी मनोकामना पूरी होती है।
मंदिर का इतिहास
खजराना गणेश मंदिर का निर्माण उस समय होलकर वंश की शासक अहिल्याबाई होलकर ने 1735 में करवाया था। कहा जाता है कि खजराना गणेश मंदिर के निर्माण के लिए भगवान गणेश ने एक पंडित को स्वप्न दिया था। स्वप्न आया कि यहां भगवान गणेश की मूर्ति जमीन में दबी है, उसे वहां से निकालो। पंडित ने इस स्वप्न के बारे में सभी को बताया। रानी अहिल्या बाई होलकर ने स्वप्न के अनुसार इस स्थान की खुदाई करवाई और खुदाई में भगवान गणेश की वही मूर्ति मिली, जिसके बाद यहां मंदिर का निर्माण करवाया गया।
देश के सबसे अमीर गणेश मंदिरों में से एक
गणपति जी का यह मंदिर देश के सबसे अमीर गणेश मंदिरों में से एक माना जाता है। मनोकामना पूरी होने पर भक्त यहां आते हैं और पूरे मन से प्रसाद चढ़ाते हैं। वैसे तो इस मंदिर में हर दिन पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है, लेकिन बुधवार को गणपति जी को प्रसाद के रूप में विशेष रूप से लड्डू का भोग लगाया जाता है। इस दिन यहां विशेष पूजा और आरती का आयोजन किया जाता है।