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पुष्कर का 800 साल पुराना 108 महादेव मंदिर! जहां पूजा मात्र से होता है कालसर्प दोष से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त, वीडियो में जानिए इतिहास 

 

राजस्थान का पुष्कर एक प्रसिद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल है, जो अपनी विविधता और आध्यात्मिकता के लिए जाना जाता है। इस पावन धरा पर पुष्कर झील के किनारे महादेव घाट पर 800 साल पुराना 108 शिवलिंग महादेव मंदिर जन आस्था का प्रमुख केंद्र है। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर अपने विशेष 108 शिवलिंगों के लिए प्रसिद्ध है। जिनकी पूजा भक्त बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ करते हैं।

<a href=https://youtube.com/embed/5jOBnya9J4w?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/5jOBnya9J4w/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden"" title="पुष्कर का इतिहास, मान्यता, सनातन धर्म में महत्व, विश्व में ब्रह्मा का एकमात्र मंदिर, पवित्र सरोवर" width="1250">
मंदिर के पुजारी गोविंद शर्मा ने बताया कि पुष्कर झील के किनारे भगवान शिव का 800 साल पुराना मंदिर है। मंदिर परिसर में 108 शिवलिंग और 108 नंदी महाराज एक साथ विराजमान हैं। सावन में यहां विशेष रूप से रुद्राभिषेक, सहस्त्र धारा आदि का आयोजन किया जाता है। शिवरात्रि पर भगवान शिव का भव्य श्रृंगार किया जाता है। पुजारी ने आगे बताया कि जिन लोगों का विवाह नहीं हो रहा है और उन्हें कालसर्प दोष है, तो यहां पूजा करने से भगवान उनकी मनोकामना पूरी करते हैं।

शिवलिंग की परिक्रमा करें
शर्मा ने आगे बताया कि पुष्कर झील के पास स्थित होने के कारण यह मंदिर मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य से भी भरपूर है। यहां आकर श्रद्धालु मानसिक शांति, आध्यात्मिक संतुलन और भक्ति का अनुभव करते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु गहरी श्रद्धा के साथ शिवलिंग की परिक्रमा करते हैं। वे "ओम नमः शिवाय" के मंत्रों के साथ भगवान शिव को याद करते हैं।

यात्रा में जरूर शामिल करें
अगर आप पुष्कर की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो 108 शिवलिंग महादेव मंदिर को अपनी यात्रा में जरूर शामिल करें। यह स्थान आपको आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देगा और जीवन को नई दिशा दे सकता है।