गलता जी मंदिर के 7 पवित्र सरोवर और उनके पीछे की चमत्कारी मान्यताएं, वीडियो में जानिए क्यों कहा जाता है इसे 'जयपुर का बंदर मंदिर ?
जयपुर, जिसे गुलाबी नगरी के नाम से जाना जाता है, न केवल अपनी भव्य हवेलियों और किलों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसकी धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत भी कम चमत्कारी नहीं है। इन्हीं धार्मिक स्थलों में से एक है गलता जी मंदिर, जो अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित एक अलौकिक और आध्यात्मिक स्थल है। यहां स्थित सात पवित्र सरोवर (जलकुंड) न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि इनसे जुड़ी मान्यताएं और चमत्कारी कहानियां भी हजारों श्रद्धालुओं को यहां खींच लाती हैं।गलता जी मंदिर को स्थानीय लोग श्रद्धा से ‘गालव ऋषि की तपोभूमि’ भी कहते हैं। कहा जाता है कि यही वह स्थान है जहां महर्षि गालव ने वर्षों तक तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर देवताओं ने यहां सात पवित्र जलकुंडों की उत्पत्ति की थी, जिनका जल आज भी कभी नहीं सूखता – चाहे गर्मी कितनी ही तीव्र क्यों न हो।
1. गालव कुंड – तपस्या की ऊर्जा से बना पहला जलस्रोत
गलता जी का मुख्य सरोवर गालव कुंड है, जिसे मंदिर का सबसे पवित्र स्थल माना जाता है। मान्यता है कि यही वह स्थान है जहां महर्षि गालव ने कठोर तपस्या की थी। कहा जाता है कि उनकी तपस्या से प्रभावित होकर ब्रह्मा, विष्णु और महेश स्वयं इस कुंड में प्रकट हुए थे। इस जल में स्नान करने से पापों का नाश और पुण्य की प्राप्ति होती है।
2. रामकुंड – श्रीराम के नाम से जुड़ा दिव्य सरोवर
इस कुंड से जुड़ी मान्यता है कि भगवान राम ने अपने वनवास के समय यहां विश्राम किया था। इसीलिए इसे ‘रामकुंड’ कहा जाता है। भक्तों का मानना है कि इस कुंड में स्नान करने से मानसिक शांति और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है। विशेषकर राम नवमी के दिन यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं।
3. लक्ष्मणकुंड – बल, साहस और सुरक्षा का प्रतीक
रामकुंड के ठीक पास स्थित है लक्ष्मणकुंड, जिसे भगवान लक्ष्मण से जोड़ा जाता है। यह कुंड वीरता और आत्मबल का प्रतीक माना जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, इस जल में स्नान करने से भय और रोग दूर होते हैं, और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
4. सीताकुंड – स्त्री शक्ति और पवित्रता का स्वरूप
गलता जी परिसर में स्थित सीताकुंड को देवी सीता की स्मृति से जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि माता सीता ने यहां स्नान कर तपस्या की थी। स्त्रियां इस कुंड में विशेष श्रद्धा से स्नान करती हैं, ताकि उन्हें सौभाग्य, संतान सुख और वैवाहिक जीवन में शांति प्राप्त हो।
5. हनुमान कुंड – शक्ति और भक्ति का संगम
गलता जी मंदिर के परिसर में एक प्रमुख आकर्षण हनुमान कुंड भी है, जहां हनुमान जी की एक विशाल मूर्ति भी स्थित है। इस कुंड को अत्यंत चमत्कारी माना जाता है, विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को। मान्यता है कि यहां स्नान करने से शारीरिक बल, स्वास्थ्य और हर संकट से सुरक्षा प्राप्त होती है।
6. सूर्य कुंड – रोग मुक्ति और ऊर्जा का स्रोत
सूर्य देव को समर्पित यह सूर्य कुंड गलता जी के सबसे सुंदर सरोवरों में से एक है। यह माना जाता है कि इस कुंड का जल रोगों को दूर करने में सक्षम है। सूर्य संक्रांति, मकर संक्रांति और छठ के अवसर पर यहां विशेष पूजा और स्नान का आयोजन होता है।
7. ब्रह्मकुंड – सृष्टि और पुनर्जन्म से जुड़ी आस्था
अंतिम लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण है ब्रह्मकुंड, जिसे ब्रह्मा जी से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि इस कुंड में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप मिट जाते हैं और आत्मा को मुक्ति का मार्ग मिलता है। तीर्थयात्री विशेष अवसरों पर इस कुंड में आस्था के साथ स्नान कर आध्यात्मिक लाभ की कामना करते हैं।
चमत्कारी अनुभव और परंपराएं
गलता जी मंदिर न केवल इन पवित्र सरोवरों के कारण प्रसिद्ध है, बल्कि यहां प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु मकर संक्रांति के दिन आते हैं और इन कुंडों में स्नान करते हैं। स्थानीय लोगों और साधुओं के अनुसार, कई लोगों को यहां मानसिक शांति, रोगमुक्ति और परिवारिक कल्याण जैसे चमत्कारी अनुभव हुए हैं।मंदिर परिसर में रहने वाले रामानंदी साधु सदियों से यहां तपस्या और सेवा करते आए हैं। उनके अनुसार, इन जलकुंडों की शक्ति सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा से भी भरी हुई है, जो साधक को आत्मिक बल प्रदान करती है।
भ्रमण का अनुभव
गलता जी मंदिर का वातावरण बेहद शांत, हरियाली से भरपूर और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। पहाड़ियों के बीच स्थित यह स्थल शहर की भीड़ से दूर एक ऐसी जगह है, जहां जाकर मन स्वतः ही ध्यान और भक्ति में लीन हो जाता है। यहां बंदरों की उपस्थिति के कारण इसे “Monkey Temple” भी कहा जाता है, जो पर्यटकों के लिए एक अलग अनुभव प्रदान करता है।
निष्कर्ष
गलता जी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि यह एक ऐसा आध्यात्मिक केंद्र है जहां आस्था, चमत्कार और प्राकृतिक सौंदर्य का अनोखा संगम देखने को मिलता है। यहां के सात पवित्र सरोवर न केवल हिंदू धर्म की गहरी परंपरा को दर्शाते हैं, बल्कि उनके पीछे की मान्यताएं आज भी लोगों को आस्था की डोर में जोड़ती हैं।अगर आप कभी जयपुर जाएं, तो गलता जी मंदिर जरूर जाएं — हो सकता है, यहां की कोई कहानी आपकी जिंदगी को भी छू जाए।