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स्पेस मिशन में अजीबोगरीब घटना: प्रेशर सूट की जेब में छिपाकर ले गया सैंडविच, खाते ही क्रू मेंबर्स के सामने फैला खतरा

 

अंतरिक्ष में जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों को मिशन के दौरान हर छोटी-बड़ी चीज का ध्यान रखना पड़ता है। वहां खाने-पीने से लेकर इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों तक, हर वस्तु के लिए नियम तय होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के इतिहास में एक ऐसा मामला भी सामने आया था, जब एक अंतरिक्ष यात्री अपनी जेब में छिपाकर सैंडविच अंतरिक्ष में ले गया था? यह घटना इतनी चर्चित हुई कि अमेरिकी संसद में भी इस पर सवाल उठाए गए और NASA के वरिष्ठ अधिकारियों से जवाब मांगा गया।

यह दिलचस्प घटना साल 1965 की है। उस समय अंतरिक्ष यात्री जॉन यंग ने जेमिनी III मिशन के दौरान अपने प्रेशर सूट की जेब में कॉर्न्ड बीफ सैंडविच छिपाकर रख लिया था। बाद में जब अंतरिक्ष में सैंडविच खाया गया, तो ब्रेड के छोटे-छोटे टुकड़े बिखरने लगे। इससे मिशन की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई। मामला इतना बढ़ा कि NASA के अधिकारियों को यह विचार करना पड़ा कि क्या इस हरकत के लिए जॉन यंग के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

जेमिनी III मिशन में कैसे पहुंचा सैंडविच?

NASA के इतिहास कार्यालय में प्रकाशित जानकारी के मुताबिक, 23 मार्च 1965 को जेमिनी III मिशन लॉन्च हुआ था। उड़ान से पहले जॉन यंग ने अपने साथी अंतरिक्ष यात्री वाल्टर 'वैली' शिरा से कॉर्न्ड बीफ सैंडविच लिया और उसे अपने प्रेशर सूट की जेब में रख लिया।

जॉन यंग उस मिशन में पायलट थे, जबकि गस ग्रिसम मिशन के कमांडर थे। यंग ने सैंडविच को पहले से तय खाद्य सामग्री की तरह आधिकारिक रूप से साथ नहीं रखा था। यही वजह थी कि बाद में यह सवाल उठा कि आखिर बिना अनुमति ऐसी चीज अंतरिक्ष यान में कैसे पहुंच गई।

उस समय अंतरिक्ष मिशन शुरुआती दौर में थे। वैज्ञानिक और इंजीनियर यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि अंतरिक्ष में भोजन, उपकरण और दूसरी वस्तुएं किस तरह व्यवहार करती हैं। ऐसे में सैंडविच की यह घटना छोटी होने के बावजूद सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण बन गई।

अंतरिक्ष में सैंडविच खाते ही बिखरने लगे टुकड़े

मिशन के दौरान लगभग दो घंटे बीतने के बाद जॉन यंग ने सैंडविच अपने साथी गस ग्रिसम को दिया। ग्रिसम ने उसका एक निवाला लिया, लेकिन राई की ब्रेड के टुकड़े बिखरने लगे। अंतरिक्ष यान के भीतर गुरुत्वाकर्षण की कमी के कारण खाने के छोटे कण सामान्य तरीके से नीचे गिरने के बजाय हवा में तैर सकते थे।

यही बात NASA के लिए चिंता का कारण बनी। अंतरिक्ष यान के उपकरणों या कंट्रोल पैनल के आसपास खाने के टुकड़े पहुंचने से तकनीकी परेशानी पैदा होने का खतरा था। अंतरिक्ष में छोटी-सी गड़बड़ी भी बड़े मिशन के लिए जोखिम बन सकती है।

हालांकि, इस घटना से मिशन के वास्तविक संचालन में कोई गंभीर बाधा आने की बात सामने नहीं आई। इसके बावजूद अधिकारियों ने इसे सुरक्षा नियमों के पालन से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा माना।

अमेरिकी संसद तक पहुंच गया सैंडविच का मामला

जॉन यंग का सैंडविच ले जाना केवल NASA तक सीमित नहीं रहा। वर्ष 1966 में अमेरिकी संसद में NASA के बजट से जुड़ी सुनवाई के दौरान यह मामला उठाया गया।

NASA के तत्कालीन प्रशासक जेम्स वेब ने इस घटना को अनुशासन और मिशन की गंभीरता से जुड़ा विषय माना। उन्होंने मैन्ड स्पेसक्राफ्ट सेंटर के निदेशक रॉबर्ट गिलरुथ से रिपोर्ट मांगी कि क्या जॉन यंग के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए या उन्हें फटकार लगाई जानी चाहिए।

सुनवाई के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि अंतरिक्ष यान में कौन-सी चीजें ले जाई जा सकती हैं, इसका फैसला अंतरिक्ष यात्रियों की व्यक्तिगत पसंद पर नहीं छोड़ा जा सकता। मिशन के दौरान हर वस्तु सुरक्षा और तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखकर चुनी जानी चाहिए।

अधिकारियों ने बताया, क्यों खतरनाक हो सकते हैं खाने के टुकड़े

अमेरिकी सांसदों ने अंतरिक्ष यान के केबिन की तुलना एक ऑपरेशन थिएटर से की। उनका तर्क था कि जिस तरह अस्पताल के ऑपरेशन रूम में साफ-सफाई और सुरक्षा के नियमों का पालन जरूरी होता है, उसी तरह अंतरिक्ष यान के भीतर भी अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है।

अंतरिक्ष में तैरते खाने के कण उपकरणों में फंस सकते हैं या नियंत्रण प्रणाली के कामकाज को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए ऐसी वस्तुओं को बिना अनुमति ले जाना जोखिम भरा हो सकता है।

NASA के अधिकारियों ने भी माना कि अंतरिक्ष यात्रियों को अपने साथ ले जाने वाली वस्तुओं के संबंध में तय नियमों का पालन करना चाहिए। इसके बाद भविष्य के मिशनों में निजी तौर पर ले जाई जाने वाली वस्तुओं को लेकर नियमों को और स्पष्ट किया गया।

मिशन के कमांडर ने किया जॉन यंग का बचाव

इस पूरे मामले में जेमिनी III मिशन के कमांडर गस ग्रिसम और NASA के वरिष्ठ अधिकारी रॉबर्ट गिलरुथ का रुख भी चर्चा में रहा। गिलरुथ ने अंतरिक्ष यात्रियों का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें अनावश्यक रूप से बहुत ज्यादा नियमों में बांधना उचित नहीं होगा।

उनका मानना था कि अंतरिक्ष यात्रियों पर पहले से ही बड़ी जिम्मेदारी होती है और वे अपने मिशनों में अच्छा प्रदर्शन करते आए हैं। ऐसे में छोटी घटना के आधार पर कठोर कार्रवाई करने से पहले पूरे मामले को समझना चाहिए।

जॉन यंग के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार जरूर हुआ, लेकिन आखिरकार उन्हें कोई औपचारिक फटकार नहीं दी गई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी पूछा गया सैंडविच का सवाल

मिशन पूरा होने के दो दिन बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकार बिल हाइन्स ने जॉन यंग से सैंडविच के बारे में सवाल किया। यंग ने हैरानी जताते हुए पूछा कि पत्रकार को इस घटना के बारे में कैसे पता चला। इसके बाद उन्होंने हंसते हुए बताया कि सैंडविच गस ग्रिसम ने खा लिया था।

यह जवाब उस घटना के चर्चित किस्सों में शामिल हो गया। हालांकि, इसके पीछे केवल मजाक या जिज्ञासा की बात नहीं थी, बल्कि अंतरिक्ष मिशनों में सुरक्षा प्रक्रियाओं के महत्व का सवाल भी जुड़ा था।

क्या इस घटना से जॉन यंग के करियर पर असर पड़ा?

सैंडविच विवाद के बावजूद जॉन यंग का अंतरिक्ष करियर शानदार रहा। उन्होंने अपने करियर में छह अंतरिक्ष उड़ानें पूरी कीं। इनमें जेमिनी, अपोलो और स्पेस शटल कार्यक्रमों के मिशन शामिल थे। वे NASA के सबसे अनुभवी अंतरिक्ष यात्रियों में गिने गए और लंबे समय तक एस्ट्रोनॉट ऑफिस के प्रमुख भी रहे।

इस घटना ने उनके करियर को रोकने के बजाय अंतरिक्ष मिशनों में सुरक्षा नियमों और निजी सामान की जांच को लेकर एक अहम सबक दिया।

अंतरिक्ष में हर छोटी चीज क्यों होती है महत्वपूर्ण?

पृथ्वी पर सैंडविच खाना एक सामान्य बात है, लेकिन अंतरिक्ष में वही सैंडविच तकनीकी चुनौती बन सकता है। वहां गुरुत्वाकर्षण की कमी के कारण भोजन के टुकड़े हवा में तैर सकते हैं और संवेदनशील उपकरणों तक पहुंच सकते हैं। इसी वजह से अंतरिक्ष यात्रियों के भोजन और निजी सामान को लेकर विशेष नियम बनाए जाते हैं।

1965 का यह सैंडविच विवाद NASA के इतिहास की एक अनोखी घटना है। इसने दिखाया कि अंतरिक्ष मिशन में छोटी-सी लापरवाही भी सुरक्षा के बड़े सवाल खड़े कर सकती है। साथ ही, यह घटना आज भी याद दिलाती है कि अंतरिक्ष में सफलता केवल तकनीक से नहीं, बल्कि अनुशासन, तैयारी और नियमों के पालन से भी मिलती है।