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28 अगस्त को 96% 'ब्लैकआउट' होगा चांद! भारत में दिखेगा या नहीं? जानिए रक्षाबंधन पर क्या पड़ेगा असर

 

चंद्र ग्रहण का इंतजार कर रहे खगोल प्रेमियों के लिए 27 और 28 अगस्त की रात खास होने वाली है। इस दौरान बेहद गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण देखने को मिलेगा। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण नहीं होगा, लेकिन इसका प्रभाव इतना ज्यादा रहेगा कि ग्रहण के चरम पर चंद्रमा का करीब 96.2 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की गहरी केंद्रीय छाया यानी अम्ब्रा में पहुंच जाएगा।

ग्रहण के दौरान चंद्रमा का ज्यादातर हिस्सा गहरे लाल रंग में नजर आ सकता है, जबकि उसका एक छोटा हिस्सा चमकीला बना रहेगा। आसमान में बनने वाला यह नजारा बेहद आकर्षक होगा। यह 31 दिसंबर 2028 तक दुनिया के किसी हिस्से से दिखाई देने वाला सबसे गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण बताया जा रहा है। इसके बाद इस तरह की घटना के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

क्यों खास है यह चंद्र ग्रहण?

खगोल विशेषज्ञों के मुताबिक, 27 और 28 अगस्त की दरम्यानी रात पृथ्वी की छाया चंद्रमा के लगभग 96 फीसदी हिस्से को ढक लेगी। जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तब उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है और चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है।

इस दौरान पृथ्वी की गहरी अंदरूनी छाया धीरे-धीरे चंद्रमा की सतह को ढकती हुई दिखाई देगी। चंद्रमा का अधिकांश हिस्सा पृथ्वी की अम्ब्रा में चला जाएगा, जबकि एक पतली पट्टी पर सूर्य की सीधी रोशनी बनी रहेगी। पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर पहुंचने वाली सूर्य की रोशनी के कारण चंद्रमा का बड़ा हिस्सा लाल या गहरे तांबे जैसे रंग में दिखाई दे सकता है।

3.3 अरब लोग देख सकेंगे यह नजारा

यह आंशिक चंद्र ग्रहण उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। अनुमान के मुताबिक, करीब 3.3 अरब लोग इस खगोलीय घटना को देखने की स्थिति में होंगे।

अमेरिका के पश्चिमी तट पर लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड जैसे शहरों में ग्रहण का सबसे ज्यादा असर वाला चरण सूर्यास्त के कुछ घंटे बाद नजर आएगा। वहीं न्यूयॉर्क और जैक्सनविले जैसे पूर्वी तट के शहरों में ग्रहण का चरम आधी रात के आसपास दिखाई दे सकता है।

यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में यह घटना सुबह के समय नजर आएगी। वहां चंद्रमा सूर्योदय से ठीक पहले पश्चिमी क्षितिज की ओर नीचे होता दिखाई देगा।

क्या भारत में दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?

भारत में इस आंशिक चंद्र ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा। ग्रहण के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप में दिन का समय होगा और चंद्रमा क्षितिज के ऊपर दिखाई नहीं देगा।

भारत के अलावा चीन, जापान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और ईरान जैसे कई देशों में भी यह ग्रहण नजर नहीं आएगा। यानी दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी इस खगोलीय घटना को सीधे नहीं देख पाएगी।

क्या चंद्र ग्रहण नंगी आंखों से देख सकते हैं?

चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित माना जाता है। सूर्य ग्रहण की तरह चंद्र ग्रहण देखने के लिए किसी विशेष सुरक्षा चश्मे की जरूरत नहीं होती। हालांकि, बेहतर दृश्य के लिए साफ आसमान वाली जगह से इसे देखना ज्यादा अच्छा रहेगा।

इस बार का ग्रहण इसलिए भी खास है क्योंकि चंद्रमा का बहुत बड़ा हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में होगा। हालांकि भारत में रहने वाले लोगों को इस नजारे के लिए अगली दिखाई देने वाली खगोलीय घटना का इंतजार करना पड़ेगा।