☰
×

दुनिया के सबसे बंजर रेगिस्तान में खिले लाखों फूल! 'अटाकामा Desert' का ये अजूबा देख वैज्ञानिक भी हैरान

 

दुनिया के सबसे सूखे इलाकों में शामिल चिली का अटाकामा रेगिस्तान इन दिनों एक ऐसे नजारे की वजह से चर्चा में है, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। जिस जगह दूर-दूर तक सिर्फ रेत, चट्टानें और सूखी जमीन दिखाई देती है, वहीं अब रंग-बिरंगे फूलों की चादर नजर आ रही है।इस दुर्लभ प्राकृतिक घटना को स्थानीय भाषा में ‘Desierto Florido’ यानी ‘Flowering Desert’ कहा जाता है। 2026 में जुलाई के दौरान हुई असामान्य बारिश ने जमीन के अंदर लंबे समय से सुप्त पड़े बीजों और बल्बों को पानी दिया, जिसके बाद बड़ी संख्या में पौधे अंकुरित होने लगे।

आखिर रेगिस्तान में अचानक कैसे खिल गए फूल?

अटाकामा में बारिश बेहद कम होती है। लेकिन जब पर्याप्त बारिश होती है, तो जमीन के भीतर लंबे समय से निष्क्रिय पड़े बीज और बल्ब सक्रिय हो जाते हैं। यही वजह है कि कई सालों तक सूखा और बंजर दिखाई देने वाला इलाका अचानक फूलों से भर सकता है।2026 में हुई सर्दियों की बारिश ने इस बार फूल खिलने के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार कीं। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, अगस्त के दूसरे हिस्से से शुरुआती फूल दिखाई देने लगे थे, जबकि सितंबर से इसका विस्तार बढ़ा और अक्टूबर के मध्य तक वनस्पतियों की विविधता और संख्या सबसे ज्यादा रहने का अनुमान लगाया गया है।

200 से ज्यादा प्रजातियां दिखने की उम्मीद

इस प्राकृतिक घटना में अलग-अलग तरह के पौधे और फूल दिखाई देते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, अनुकूल परिस्थितियों में 200 से ज्यादा वनस्पति प्रजातियां सामने आ सकती हैं।इस दौरान केवल फूल ही नहीं खिलते, बल्कि उनके साथ कीड़े-मकौड़े और दूसरे जीव भी सक्रिय हो जाते हैं। यानी कुछ समय के लिए पूरा रेगिस्तानी इकोसिस्टम ज्यादा सक्रिय नजर आने लगता है।

सैटेलाइट तस्वीरों में भी दिखा बदलाव

इस बार अटाकामा के बदलाव को अंतरिक्ष से भी देखा गया है। यूरोपीय संघ के Copernicus कार्यक्रम ने Sentinel-2 सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए 2025 और 2026 के अटाकामा क्षेत्र की तुलना की। 2026 की तस्वीरों में उन इलाकों में काफी ज्यादा वनस्पति दिखाई दी, जो आमतौर पर लगभग बंजर नजर आते हैं।

वैज्ञानिकों और पर्यटकों की नजर इस अनोखी घटना पर

अटाकामा का यह ‘फ्लावरिंग डेजर्ट’ कोई सामान्य सालाना घटना नहीं है। यह पर्याप्त बारिश और खास मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करता है, इसलिए बड़े पैमाने पर ऐसा नजारा हर साल देखने को नहीं मिलता।2026 की इस घटना को लेकर वैज्ञानिकों के साथ-साथ पर्यटकों की भी दिलचस्पी बढ़ी है। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने लोगों से फूलों और वनस्पतियों को नुकसान न पहुंचाने, पौधों पर न चलने और निर्धारित रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है।यानी जिस अटाकामा को दुनिया के सबसे शुष्क और बंजर इलाकों में गिना जाता है, वही रेगिस्तान इन दिनों प्रकृति के एक ऐसे रूप को दिखा रहा है, जहां सूखी जमीन पर अचानक रंग-बिरंगे फूलों की दुनिया दिखाई दे रही है।