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गजब हो गया! मंगन ग्रह पर एस्‍ट्रोनॉट बिताएंगे 500 दिन NASA ने कर दिया तारीख का एलान, पढ़िए पूरी डिटेल 

 

विज्ञान न्यूज़ डेस्क - अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा मंगल ग्रह पर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने समेत कई मिशन की योजना बना रही है। द कन्वर्सेशन की रिपोर्ट के मुताबिक नासा की योजना साल 2035 तक मंगल ग्रह पर इंसानों को भेजने की है। यह सफर आसान नहीं होने वाला है। बस एकतरफा सफर, यानी धरती से मंगल तक पहुंचने में 6 से 7 महीने लगेंगे और 40 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। योजना है कि अंतरिक्ष यात्री 500 दिन तक मंगल की सतह पर रहें।

रिपोर्ट के मुताबिक नासा इस दशक में फिर से चांद पर इंसानों को भेजना चाहता है और अगले दशक में मंगल को लक्ष्य बनाएगा। चांद पर इंसानों को भेजकर नासा मंगल ग्रह से जुड़ी तैयारियां भी पूरी कर लेगा। मंगल ग्रह पर जीवन की संभावनाएं तलाशने और कई दूसरे प्रयोग करने के लिए वहां अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने की योजना है। रिपोर्ट के मुताबिक मंगल ग्रह का निर्माण भी करीब 4.6 अरब साल पहले हुआ था, जब सौरमंडल के बाकी सभी ग्रह बने थे। शुरुआत में मंगल ग्रह काफी हद तक धरती जैसा ही था। इसकी जमीन पर महासागर थे। झीलें और नदियां थीं। समय के साथ परिस्थितियाँ बदल गईं और मंगल वीरान हो गया।

वर्तमान में मंगल पर ऐसा वायुमंडल नहीं है जहाँ मनुष्य जीवित रह सके। हालाँकि, यहाँ जमे हुए पानी की मौजूदगी हो सकती है। वैज्ञानिकों ने मंगल की सतह के बारे में भी काफ़ी जानकारी जुटाई है। इसके बावजूद, कई विशेषताओं के बारे में तभी पता चलेगा जब वैज्ञानिक वहाँ पहुँचेंगे।मंगल की भौगोलिक संरचना उसके उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में अलग-अलग है। मंगल की सतह का लगभग एक तिहाई हिस्सा 2 से 4 मील की ऊँचाई पर है। वहाँ कुछ क्रेटर भी हैं। मंगल पर कुछ बहुत बड़े ज्वालामुखी भी हैं। वैज्ञानिक उनकी भी जाँच करना चाहते हैं।