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व्रत में पूरे दिन रहेंगे एनर्जेटिक! सिर्फ 20 मिनट में बनाएं हाई प्रोटीन राजगिरा चीला, नोट करें आसान रेसिपी

 

नवरात्रि के व्रत में अगर आप बार-बार साबूदाना खिचड़ी, आलू और दूसरी फलाहारी चीजें खाकर बोर हो गए हैं, तो इस बार अपनी थाली में कुछ नया ट्राई कर सकते हैं। राजगिरा आटे और लौकी से बना चीला स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हल्का और पौष्टिक विकल्प भी हो सकता है। इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और हरी चटनी व दही के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।

'प्रिया की रसोई' से साझा की गई इस रेसिपी में लौकी, राजगिरा आटा और मूंगफली का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इसमें प्रोटीन की सही मात्रा सामग्री और उसकी मात्रा पर निर्भर करती है। इसलिए पूरी थाली में 35 ग्राम प्रोटीन होने के दावे को बिना पोषण संबंधी गणना के निश्चित नहीं माना जाना चाहिए।

1. सबसे पहले तैयार करें फलाहारी हरी चटनी

चीले के साथ हरी चटनी खाने से उसका स्वाद बढ़ जाता है। इसे बनाने के लिए आपको चाहिए:

  • एक कटोरी ताजा हरा धनिया

  • अदरक का छोटा टुकड़ा

  • 1 हरी मिर्च

  • 2-3 चम्मच भुनी हुई मूंगफली

  • सेंधा नमक स्वादानुसार

  • थोड़ी काली मिर्च

  • जरूरत के अनुसार पानी

सभी सामग्रियों को मिक्सर में डालकर बारीक पीस लें। आपकी फलाहारी हरी चटनी तैयार है।

2. लौकी को छीलकर कद्दूकस करें

सबसे पहले एक ताजी लौकी लें। उसे अच्छी तरह धोकर छील लें और कद्दूकस कर लें। लौकी में पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे चीला अंदर से नरम बन सकता है। अगर लौकी में बहुत ज्यादा पानी निकल रहा है, तो बैटर की स्थिरता के अनुसार आटा मिलाएं।

3. राजगिरा आटा और मूंगफली मिलाएं

अब कद्दूकस की हुई लौकी में बारीक कटी हरी मिर्च, हरा धनिया, दरदरी पिसी मूंगफली, काली मिर्च और सेंधा नमक डालें।

इसके बाद इसमें राजगिरा का आटा मिलाएं और सभी सामग्रियों को अच्छी तरह मिक्स करें। राजगिरा व्रत में इस्तेमाल किया जाने वाला अनाज है। इसमें प्रोटीन और कुछ जरूरी खनिज पाए जाते हैं, जबकि मूंगफली भी प्रोटीन और हेल्दी फैट का स्रोत है।

4. तैयार करें गाढ़ा बैटर

सभी सामग्रियों को मिलाने के बाद जरूरत के अनुसार थोड़ा-थोड़ा पानी डालें। ध्यान रखें कि बैटर बहुत पतला न हो। इसे इतना गाढ़ा रखें कि तवे पर आसानी से फैलाया जा सके और चीला पलटते समय टूटे नहीं।

अगर लौकी पहले से पर्याप्त पानी छोड़ रही है, तो अतिरिक्त पानी डालने की जरूरत नहीं भी पड़ सकती।

5. तवे पर सेंकें राजगिरा चीला

अब नॉन-स्टिक तवा गर्म करें और उस पर थोड़ा घी या तेल लगाएं। तैयार बैटर का एक हिस्सा तवे पर डालकर गोल आकार में फैलाएं।

चीले को मध्यम आंच पर पकाएं। जब नीचे की सतह सुनहरी होने लगे, तो इसे सावधानी से पलट दें। दोनों तरफ थोड़ा घी या तेल लगाकर अच्छी तरह सेंकें। चीला सुनहरा और हल्का कुरकुरा हो जाए, तो इसे प्लेट में निकाल लें।

6. दही और हरी चटनी के साथ करें सर्व

गरमा-गरम राजगिरा चीले को ताजी दही और तैयार हरी चटनी के साथ परोसें। दही से भोजन में अतिरिक्त प्रोटीन और कैल्शियम मिल सकता है। हालांकि, व्रत में दही और अन्य सामग्री का सेवन अपने नियमों और परंपरा के अनुसार ही करें।

व्रत में राजगिरा चीला खाने के क्या फायदे हैं?

  • पेट भरा रखने में मदद: लौकी, राजगिरा और मूंगफली का मेल भोजन में फाइबर, प्रोटीन और फैट उपलब्ध कराता है।

  • ऊर्जा का स्रोत: राजगिरा आटे में कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देते हैं।

  • खाने में बदलाव: साबूदाना और आलू के अलावा यह फलाहारी मेन्यू में एक नया विकल्प हो सकता है।

  • कम समय में तैयार: सामग्री पहले से तैयार हो, तो इसे लगभग 20 मिनट में बनाया जा सकता है।