क्या TMC से अलग राह चुनेंगी महुआ मोइत्रा? मोदी सरकार पर दिए बयान ने बढ़ाई राजनीतिक अटकलें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में चल रही बगावत के बीच, ममता बनर्जी की करीबी सहयोगी और पार्टी की तेज-तर्रार नेता महुआ मोइत्रा के सोशल मीडिया पोस्ट ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल मचा दी है। महुआ ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के लिखे एक पत्र की तस्वीर शेयर करते हुए मोदी सरकार की तारीफ की है।
इससे यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या महुआ ममता बनर्जी का साथ छोड़कर बागी नेताओं के खेमे में शामिल हो सकती हैं। TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने 'X' पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक आधिकारिक पत्र की तस्वीर शेयर की है, जिसमें उन्होंने महुआ द्वारा उठाए गए मुद्दे की सराहना की है।
महुआ मोइत्रा ने लिखा, "राजनाथ सिंह जी, सशस्त्र बलों के लिए विकलांगता पेंशन पर आयकर छूट जारी रखने के संबंध में आपकी सहानुभूति के लिए धन्यवाद। मुझे उम्मीद है कि वित्त मंत्रालय के अधिकारी भी वैसी ही सहानुभूति दिखाएंगे और इस आपत्तिजनक प्रस्ताव को कभी आगे नहीं बढ़ाएंगे। जय हिंद।"
राजनाथ सिंह ने पत्र में क्या लिखा था?
मोइत्रा को लिखे पत्र में, राजनाथ सिंह ने लोकसभा में नियम 377 के तहत उठाए गए उस मुद्दे का जिक्र किया, जिसमें उन सशस्त्र बल कर्मियों के लिए विकलांगता पेंशन पर आयकर छूट हटाने के फैसले की समीक्षा की मांग की गई थी, जो सेवा के दौरान घायल हुए थे लेकिन रिटायरमेंट तक अपनी ड्यूटी करते रहे। राजनाथ सिंह ने कहा कि मामले की जांच की गई है। इसमें पाया गया है कि रक्षा कर्मियों के लिए विकलांगता पेंशन पर आयकर छूट का मुद्दा वित्त मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।
उन्होंने आगे बताया कि उठाई गई चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, वित्त अधिनियम के नोट 12 (जैसा कि सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया है) में कहा गया है कि प्रस्तावित संशोधन केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में अधिसूचित तारीख से लागू होंगे। जब तक ऐसी अधिसूचना जारी नहीं की जाती, तब तक भारतीय सशस्त्र बलों के विकलांग अधिकारियों के लिए पूरी विकलांगता पेंशन और पेंशन का सेवा घटक आयकर से मुक्त रहेगा।
TMC में चल रही बगावत
कुछ समय से TMC में बगावत की खबरें लगातार सुर्खियों में हैं। ऐसे में, महुआ मोइत्रा के इस पोस्ट से यह सवाल उठ रहा है कि क्या वह भी बागी नेताओं के खेमे में शामिल हो रही हैं। जहां एक ओर ममता बनर्जी लगातार मोदी सरकार पर भेदभावपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाती रही हैं, वहीं उनकी एक करीबी सहयोगी ने अब अचानक केंद्र की तारीफ करना शुरू कर दिया है।