पंजाब में फिर साथ आएंगे BJP और अकाली दल? सीटों पर फंसा पेंच, गठबंधन टूटा तो अकेले लड़ेगी बीजेपी
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच संभावित गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन सीटों के बंटवारे पर दोनों दलों के बीच सहमति बनना अभी बाकी है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ज्यादा सीटों की मांग कर रही है, जबकि अकाली दल इसके लिए तैयार नहीं दिख रहा।
55 सीटों की मांग, अकाली दल 45 पर अड़ा
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी गठबंधन की स्थिति में अपने लिए करीब 55 विधानसभा सीटें चाहती है। वहीं शिरोमणि अकाली दल करीब 45 सीटें देने के पक्ष में बताया जा रहा है। बाकी सीटों को लेकर भी बातचीत की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा चल रही है। बीजेपी ने कथित तौर पर यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अगर सम्मानजनक सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनती है, तो पार्टी गठबंधन के बजाय अकेले चुनाव लड़ने का विकल्प चुनेगी।
सभी 117 सीटों पर तैयारी कर रही BJP
पंजाब विधानसभा में कुल 117 सीटें हैं। गठबंधन नहीं होने की स्थिति में बीजेपी सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर सकती है।
ऐसे में 2027 का विधानसभा चुनाव पंजाब की राजनीति में काफी दिलचस्प हो सकता है, क्योंकि बीजेपी और अकाली दल लंबे समय तक राज्य की राजनीति में सहयोगी रहे हैं।
कांग्रेस ने संभावित गठबंधन पर साधा निशाना
BJP-SAD गठबंधन की चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने दोनों दलों पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता डॉ. राज कुमार वेरका ने IANS से बातचीत में दावा किया कि इस गठबंधन से न तो पंजाब की जनता को और न ही दोनों पार्टियों को कोई खास फायदा होगा।
वेरका ने 2022 और 2024 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राम मंदिर जैसे मुद्दों के सहारे चुनाव लड़ने के बावजूद बीजेपी और अकाली दल को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। उन्होंने दोनों दलों की राजनीतिक स्थिति पर तंज कसते हुए कहा कि “शून्य के साथ दूसरा शून्य जोड़ने पर परिणाम शून्य ही होगा।”
2022 में AAP ने जीती थीं 92 सीटें
पंजाब में पिछला विधानसभा चुनाव फरवरी 2022 में हुआ था। 20 फरवरी को मतदान और 10 मार्च को मतगणना हुई थी। चुनाव में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 117 में से 92 सीटों पर जीत हासिल की और भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार बनाई।
वहीं कांग्रेस को सिर्फ 18 सीटें मिली थीं। 2022 में बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल अलग-अलग राजनीतिक समीकरणों के बीच चुनावी मैदान में थे और दोनों दलों की कुल सीटें मिलाकर तीन रही थीं।
2027 में बदल सकता है पंजाब का सियासी समीकरण
अब 2027 के चुनाव से पहले BJP और SAD के बीच गठबंधन की संभावित वापसी पर सबकी नजर है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल सीटों के बंटवारे को लेकर है। अगर दोनों दलों के बीच समझौता हो जाता है तो पंजाब में नया राजनीतिक समीकरण बन सकता है, लेकिन बातचीत विफल होने पर बीजेपी के अकेले चुनाव लड़ने की संभावना भी बनी हुई है।