×

'विदेश नीति पर वोटबैंक की राजनीति....' गाजा मुद्दे पर सोनिया गाँधी के लिखे लेख से बढ़ा सियासी घमासान, BJP ने लगाए बड़े आरोप 

 

सोनिया गांधी ने गाज़ा मुद्दे पर मोदी सरकार की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक लेख में उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अब फ़िलिस्तीनी अधिकारों पर अपनी पुरानी नीति के बजाय इज़राइल के साथ करीबी रिश्तों को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि गाज़ा पर भारत की मौजूदा नीति उसके विदेश नीति के रुख पर सवाल खड़े करती है। सोनिया गांधी ने लिखा कि गाज़ा में चल रहे संघर्ष से भारी तबाही हुई है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि गाज़ा में हालात बहुत खराब हैं और बड़ी संख्या में आम नागरिक इसकी कीमत चुका रहे हैं; उनके अनुसार, 20,000 से ज़्यादा बच्चे मारे गए हैं और 44,000 से ज़्यादा घायल हुए हैं।

**भारत का नया रुख उसकी छवि को नुकसान पहुंचा सकता है: सोनिया**

कांग्रेस नेता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी आलोचना की और कहा कि बढ़ते सबूतों और कानूनी कार्रवाई के बावजूद, दुनिया इस संघर्ष को रोकने में नाकाम रही है। सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि भारत सरकार इस मुद्दे पर काफी हद तक चुप रही है और उसने गाज़ा के लोगों की तकलीफों पर अपनी चिंता जाहिर नहीं की है। उन्होंने कहा कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से फ़िलिस्तीन का समर्थन किया है और इस नीति से पीछे हटने से देश की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि इस लगातार चुप्पी को नैतिक या रणनीतिक नजरिए से सही नहीं ठहराया जा सकता और केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह फ़िलिस्तीनी अधिकारों के समर्थन में खुलकर बोले।

**सोनिया के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार**

बीजेपी ने सोनिया गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी और उन पर विदेश नीति के मुद्दों को वोट-बैंक की राजनीति से जोड़ने का आरोप लगाया। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि भारत ने गाज़ा और फ़िलिस्तीन के मुद्दों पर बार-बार अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र में युद्धविराम प्रस्तावों पर मतदान करके अपना रुख स्पष्ट किया है और मानवीय सहायता भी भेजी है। उन्होंने टिप्पणी की कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा विदेश नीति के बजाय वोट-बैंक की राजनीति को प्राथमिकता दी है, और यही कारण है कि पार्टी लंबे समय तक इज़राइल के साथ संबंध मजबूत करने से बचती रही। शहजाद पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल चुनिंदा मुद्दों पर ही अपनी आवाज उठाती है। उन्होंने कहा कि जब सोनिया गांधी गाज़ा पर बोलती हैं, तो अन्य मामलों पर उनकी चुप्पी सवाल खड़े करती है।