☰
×

Visa Rules: भारत में रह रहे 6 गैर-मुस्लिम समुदायों के लिए वीजा अनिवार्य, गृह मंत्रालय ने जारी किया नया आदेश

 

केंद्र सरकार ने भारत में रह रहे अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के छह गैर-मुस्लिम समुदायों के लिए वीजा से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की नई अधिसूचना के मुताबिक, धार्मिक उत्पीड़न या उसके डर से 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए ऐसे लोगों को अब यहां रहने के लिए उचित श्रेणी का वीजा लेना होगा। यह नियम उन लोगों पर लागू होगा, जिनके पास भारत आने के समय वैध यात्रा दस्तावेज नहीं थे या जिनके दस्तावेज बाद में समाप्त हो गए।

इस प्रावधान में हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय शामिल हैं। सितंबर 2025 में जारी आदेश के तहत इन समुदायों के पात्र लोगों को पासपोर्ट और वीजा की शर्तों से छूट दी गई थी। अब नए आदेश के जरिए भारत में रहने के लिए वीजा की व्यवस्था स्पष्ट की गई है।

CAA 2019 के अनुरूप किए गए नियमों में बदलाव

गृह मंत्रालय ने नए बदलावों में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) 2019 से जुड़े प्रावधानों के अनुसार नियमों को व्यवस्थित किया है। इसके साथ ही भारत, नेपाल और भूटान के नागरिकों की आवाजाही से संबंधित दस्तावेजों की शर्तों में भी बदलाव किए गए हैं।

अब भारत से नेपाल या भूटान जाने वाले भारतीय नागरिकों और इन दोनों देशों से भारत आने वाले नागरिकों को सरकार के तय वीजा मैनुअल के अनुसार मान्य पहचान दस्तावेज दिखाने होंगे।

तीसरे देश जाने के लिए पासपोर्ट जरूरी

नए नियमों के अनुसार, अगर कोई भारतीय नागरिक नेपाल या भूटान के रास्ते किसी तीसरे देश की यात्रा करता है, तो उसके पास वैध पासपोर्ट होना अनिवार्य होगा। साथ ही उसे निर्धारित चेकपॉइंट से ही सीमा पार करनी होगी।

इसी तरह नेपाल और भूटान के नागरिकों को भी कुछ विशेष परिस्थितियों में वैध पासपोर्ट और वीजा दिखाना होगा। इनमें इन देशों के अलावा किसी अन्य देश की यात्रा करना या चीन, पाकिस्तान, हांगकांग और मकाऊ के रास्ते भारत आना शामिल है।

श्रीलंकाई तमिल और तिब्बती शरणार्थियों को राहत जारी

केंद्र सरकार ने भारत में रह रहे रजिस्टर्ड श्रीलंकाई तमिल शरणार्थियों और तिब्बती नागरिकों के लिए पहले से लागू कानूनी छूट बरकरार रखी है।

नए आदेश के मुताबिक, 9 जनवरी 2015 तक भारत आए पंजीकृत श्रीलंकाई तमिल शरणार्थियों के पास वैध पासपोर्ट या वीजा नहीं होने पर भी उनके खिलाफ इस आधार पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।

इस तरह गृह मंत्रालय के नए आदेश में एक ओर कुछ समुदायों के लिए वीजा संबंधी शर्तें स्पष्ट की गई हैं, वहीं श्रीलंकाई तमिल और तिब्बती शरणार्थियों को पहले से मिली राहत जारी रखी गई है।