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UP MLC Election: वाराणसी में BJP को झटका, गोरखपुर में 307 वोटों से जीत; नागपुर में भी कांग्रेस का कब्जा

 

विधान परिषद चुनावों के नतीजों ने भारतीय जनता पार्टी के सामने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश के वाराणसी और गोरखपुर में शिक्षक सीटों पर हुए मुकाबलों के साथ महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम भी चर्चा में है। वाराणसी में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा, जबकि गोरखपुर में पार्टी के उम्मीदवार बेहद करीबी मुकाबले में जीत सके। दूसरी ओर, नागपुर में कांग्रेस ने अपनी सीट बरकरार रखी।

इन नतीजों को आगामी विधानसभा चुनावों के राजनीतिक माहौल के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों के परिणामों के आधार पर विधानसभा चुनावों के नतीजों का सीधा अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।

वाराणसी शिक्षक सीट पर बीजेपी को हार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा। यह परिणाम पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वाराणसी पूर्वांचल की राजनीति में अहम स्थान रखता है।

इस हार के बाद क्षेत्र में बीजेपी की चुनावी रणनीति और स्थानीय स्तर पर पार्टी की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

गोरखपुर में कांटे का मुकाबला, सिर्फ 307 वोटों से जीत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र गोरखपुर में बीजेपी के उम्मीदवार ध्रुव त्रिपाठी को जीत के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। गोरखपुर-फैजाबाद खंड की शिक्षक सीट पर उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव को महज 307 वोटों से हराया।

इस मुकाबले में बेहद कम अंतर से मिली जीत ने चुनाव को चर्चा का विषय बना दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, समाजवादी पार्टी ने बीजेपी के बागी संजय को टिकट दिया था, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव को भी अच्छा समर्थन मिला।

नागपुर में कांग्रेस ने फिर दर्ज की जीत

महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार सुधाकर कोहले को 3,271 वोटों से हराया।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अभिजीत वंजारी को 67,231 वोट मिले, जबकि सुधाकर कोहले के खाते में 63,960 वोट आए। इस तरह कांग्रेस ने नागपुर में अपनी स्थिति कायम रखी।

नागपुर का राजनीतिक महत्व इसलिए भी है, क्योंकि यह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह क्षेत्र है।

विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के सामने क्या चुनौती?

वाराणसी में हार, गोरखपुर में करीबी जीत और नागपुर में कांग्रेस की सफलता ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। इन परिणामों से बीजेपी के लिए स्थानीय संगठन, उम्मीदवारों के चयन और क्षेत्रीय समीकरणों पर ध्यान देने की जरूरत का मुद्दा उठ सकता है।

हालांकि, विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का मतदाता आधार विधानसभा चुनावों से अलग होता है। इसलिए इन नतीजों को आगामी विधानसभा चुनाव का निश्चित संकेत मानने के बजाय क्षेत्रीय राजनीतिक परिस्थितियों को समझने के एक पहलू के रूप में देखना अधिक उचित होगा।