UP Employees Bonus: योगी सरकार का कर्मचारियों को दिवाली तोहफा, 14.82 लाख लोगों को मिलेगा बोनस; खाते में आएंगे 1,750 रुपये
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा दिया है। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कर्मचारियों को 30 दिनों के वेतन के बराबर दिवाली बोनस देने की मंजूरी दी है। इस फैसले से राज्य के करीब 14.82 लाख कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसमें अराजपत्रित कर्मचारी, शैक्षणिक संस्थानों, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के कर्मचारी शामिल हैं। पात्र दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी बोनस दिया जाएगा।
कितना मिलेगा दिवाली बोनस?
सरकार के आदेश के मुताबिक, इस बोनस की अधिकतम सीमा 7,000 रुपये तय की गई है। हालांकि, पूरी रकम कर्मचारियों को नकद नहीं मिलेगी। बोनस का भुगतान दो हिस्सों में किया जाएगा।
- 25 फीसदी नकद भुगतान: अधिकतम 1,750 रुपये सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में भेजे जाएंगे।
- 75 फीसदी जमा: अधिकतम 5,250 रुपये सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा किए जाएंगे।
जिन कर्मचारियों के पास GPF खाता नहीं है, उनके हिस्से की रकम NPS टियर-2 खाते या नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) के रूप में दी जाएगी।
सरकार पर पड़ेगा 1,022 करोड़ रुपये का बोझ
इस बोनस योजना से उत्तर प्रदेश सरकार के खजाने पर करीब 1,022 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ आने का अनुमान है। सरकार का उद्देश्य त्योहार के दौरान कर्मचारियों को आर्थिक राहत देना और उनकी खरीदारी की जरूरतों में मदद करना है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस?
सरकार की इस घोषणा का लाभ सभी कर्मचारियों को नहीं, बल्कि तय शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारियों को मिलेगा। इसके लिए प्रमुख पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:
- कर्मचारी अराजपत्रित यानी नॉन-गजेटेड श्रेणी में आता हो।
- उसका ग्रेड पे 4,800 रुपये या संशोधित वेतनमान के लेवल-8 तक हो।
- कर्मचारी ने 31 मार्च 2026 तक कम से कम एक साल की लगातार सेवा पूरी की हो।
- शैक्षणिक संस्थानों, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के पात्र कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
दैनिक वेतनभोगियों को भी मिलेगा फायदा
सरकार ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी बोनस के दायरे में रखा है। ऐसे कर्मचारी जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन काम किया है, उन्हें करीब 1,184 रुपये तक बोनस दिया जाएगा।
इस फैसले से उत्तर प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को त्योहार के समय अतिरिक्त आर्थिक मदद मिलेगी। हालांकि, प्रत्येक कर्मचारी को मिलने वाली वास्तविक राशि उसकी पात्रता और निर्धारित गणना के आधार पर तय होगी।