चीनी के बढ़ते दामों पर सरकार का बड़ा एक्शन, जानिए कब मिल सकती है राहत
देश में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया है। मध्य प्रदेश के रायसेन दौरे पर पहुंचे चौहान से जब पत्रकारों ने चीनी के बढ़ते दाम को लेकर सवाल किया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “सब इंतजाम हो रहे हैं जी, चिंता मत करो।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब त्योहारी सीजन से पहले चीनी की खुदरा कीमतों में तेजी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
एक महीने में तेजी से बढ़े चीनी के दाम
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 20 जुलाई को चीनी की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत करीब 48.18 रुपये प्रति किलो थी, जो 20 अगस्त तक बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलो हो गई। 24 अगस्त को औसत खुदरा कीमत करीब 63.05 रुपये प्रति किलो बताई गई, जबकि अधिकतम खुदरा कीमत 75 रुपये तक पहुंच गई।
इस तेजी ने खासतौर पर त्योहारों से पहले घरों के बजट को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सरकार ने चीनी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए उठाए कदम
सरकार ने कीमतों पर नियंत्रण और घरेलू बाजार में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें 10 लाख टन रॉ शुगर के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति भी शामिल है। इसके अलावा चीनी कारोबारियों के स्टॉक पर सीमा लगाई गई है और थोक उपभोक्ताओं के लिए भी स्टॉक रखने के नियम सख्त किए गए हैं। सरकार ने चीनी मिलों और राज्यों को अक्टूबर के मध्य से पेराई शुरू करने की तैयारी करने को भी कहा है। इससे नए सीजन में घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं चीनी के दाम?
सरकार के मुताबिक हालिया तेजी के पीछे कई कारण हैं। गन्ने की फसल को बीमारी और ज्यादा बारिश से नुकसान हुआ है, जिससे उत्पादन शुरुआती अनुमान से कम रहने की संभावना है। इसके साथ ही त्योहारी सीजन से पहले मांग बढ़ी है और वैश्विक बाजार में भी चीनी की सप्लाई को लेकर दबाव है। सरकार ने कुछ कारोबारियों की जमाखोरी और सट्टेबाजी को भी कीमतों में तेजी का एक कारण बताया है। वहीं, चीनी उद्योग संगठन ISMA का कहना है कि देश में चीनी की वास्तविक कमी नहीं है और सरकारी उपायों के बाद आने वाले दिनों में कीमतों में नरमी आ सकती है।
रायसेन में शिवराज ने किया कई कार्यक्रमों में हिस्सा
शिवराज सिंह चौहान अपने एक दिवसीय दौरे पर रायसेन पहुंचे थे। उन्होंने सांदीपनि स्कूल भवन का उद्घाटन किया, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए और जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में विकास कार्यों और केंद्र की योजनाओं की समीक्षा की। इसी दौरे के दौरान उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए ‘मामा कोचिंग क्लासेस’ शुरू करने की घोषणा भी की। इसका उद्देश्य छात्रों को अपने जिले में ही बेहतर कोचिंग उपलब्ध कराना है।
त्योहारों से पहले राहत की उम्मीद
चीनी की कीमतों में तेजी के बीच सरकार के आयात और स्टॉक नियंत्रण जैसे कदमों से बाजार में उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। ISMA ने भी कहा है कि देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आने वाले दिनों में कीमतों में कमी आ सकती है। अब देखना होगा कि सरकार के इन उपायों का असर खुदरा बाजार पर कितनी जल्दी दिखाई देता है। फिलहाल महंगी चीनी के बीच शिवराज सिंह चौहान का “चिंता मत करो” वाला बयान जरूर चर्चा में है।