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'फिर वही करने जा रही सरकार'... परिसीमन बिल की चर्चा से भड़के खरगे, मोदी सरकार पर साधा निशाना

 

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है। इस सत्र के दौरान, केंद्र की मोदी सरकार महिलाओं के आरक्षण और परिसीमन (सीटों के पुनर्निर्धारण) से जुड़ा बिल फिर से पेश कर सकती है - जिसका मकसद लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना है। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संशोधित 131वें संविधान संशोधन बिल पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है।

**खड़गे ने सर्वदलीय बैठक की मांग की**

अपने पत्र में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने लिखा, "मैं माननीय संसदीय कार्य मंत्री से अनुरोध कर रहा हूं कि वे सर्वदलीय बैठक बुलाएं ताकि केंद्र सरकार परिसीमन और उससे जुड़े मामलों पर अपने प्रस्तावों पर चर्चा कर सके। हमारे अनुरोध स्वीकार नहीं किए गए। इसके बाद, संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026, 17 अप्रैल को लोकसभा में जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा।"

उन्होंने आगे कहा, "मैं मीडिया की खबरें पढ़ रहा हूं जिनसे पता चलता है कि केंद्र सरकार अब संसद के आगामी मॉनसून सत्र के दौरान 131वां संशोधन बिल, 2026 फिर से पेश करने का प्रस्ताव कर रही है। मैं परिसीमन और उससे जुड़े मुद्दों पर सरकार के संशोधित प्रस्तावों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने के अपने अनुरोध को दोहराता हूं। संसद में पेश किए जाने से पहले हमें उनका विस्तार से अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।"

**कांग्रेस परिसीमन बिल का विरोध करेगी**

कांग्रेस ने संसद के मॉनसून सत्र के दौरान परिसीमन बिल और कई अन्य संभावित बिलों का पुरजोर विरोध करने का फैसला किया है। पार्टी राम मंदिर में प्रसाद की कथित चोरी, पेपर लीक, इथेनॉल नीति और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर सरकार से चर्चा और जवाब भी मांगेगी। पार्टी ने कहा कि हालांकि सत्ताधारी पार्टी के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत पाने की कोई गुंजाइश नहीं है, फिर भी वह विपक्ष की एकता बनाए रखने के लिए अन्य कई पार्टियों के संपर्क में है।

पार्टी की संसदीय रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास '10, जनपथ' पर एक बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। वेणुगोपाल और राज्यसभा में कांग्रेस के प्रमुख सिपहसालार जयराम रमेश.