Supreme Court: पिनराई विजयन और परिवार को एक हफ्ते की राहत, रिश्वत मामले की जांच पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और दामाद पीए मोहम्मद रियास से जुड़े कथित रिश्वत मामले में जांच पर एक सप्ताह के लिए रोक लगा दी। अदालत ने तीनों को केरल हाई कोर्ट की खंडपीठ में अपील करने की अनुमति दी है। साथ ही, प्रवर्तन निदेशालय (ED) को अपने कानूनी अधिकारों की सीमा में रहकर काम करने की नसीहत दी।
हाई कोर्ट में अपील करने का मिला मौका
यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) और वीणा टी की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़े कथित भुगतान का है। केरल हाई कोर्ट की एकल पीठ ने मामले में FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद विजयन और उनके परिवार के सदस्यों ने इस आदेश को चुनौती देने की मांग की।
सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाई कोर्ट की खंडपीठ के समक्ष अपील करने की अनुमति देते हुए FIR में दर्ज मामले की जांच पर सात दिनों के लिए रोक लगा दी। हालांकि, अदालत ने FIR को रद्द नहीं किया है।
ED को अधिकार क्षेत्र में रहने की हिदायत
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ED को दूसरी जांच एजेंसियों के वैधानिक अधिकार क्षेत्र में दखल नहीं देने की हिदायत दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि ED मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में अपनी कानूनी प्रक्रिया जारी रख सकती है, लेकिन भ्रष्टाचार के मामले में राज्य की संबंधित एजेंसी को कानून के अनुसार कार्रवाई करनी होगी।
आरोपों पर अभी अंतिम फैसला नहीं
मामले में आरोप है कि CMRL ने वीणा टी की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को कथित तौर पर ऐसी सेवाओं के बदले भुगतान किया, जिन्हें लेकर जांच एजेंसियों ने सवाल उठाए हैं। इन आरोपों की जांच और कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसका आदेश मामले के गुण-दोष पर अंतिम राय नहीं है। अब केरल हाई कोर्ट की खंडपीठ अपील पर सुनवाई करेगी और कानून के मुताबिक आगे का फैसला लेगी।