सपा-JDU सब जगह घमासान! अनंत सिंह के बागी होने से गर्माई बिहार की सियासत, 6 सवालों में जानें अंदर की बात
बिहार की राजनीति में विधान परिषद चुनाव से पहले जनता दल यूनाइटेड यानी JDU के अंदर खींचतान खुलकर सामने आ गई है। मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह ने पार्टी के ही उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अनंत सिंह ने पटना स्नातक सीट से जन सुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह को समर्थन देने का ऐलान किया है।इस घटनाक्रम के बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद की वजह क्या है? JDU नेतृत्व इस मामले को कैसे संभाल रहा है और इसका विधान परिषद चुनाव पर क्या असर पड़ सकता है? आइए 6 सवालों में समझते हैं पूरा मामला।
1. आखिर विवाद की शुरुआत कहां से हुई?
पटना स्नातक सीट के लिए JDU ने अपने मौजूदा एमएलसी और पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार को फिर से उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद अनंत सिंह ने उनके खिलाफ खुलकर विरोध शुरू कर दिया।रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच पहले से व्यक्तिगत और राजनीतिक मतभेद रहे हैं। अनंत सिंह अब नीरज कुमार के खिलाफ जन सुराज उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह का समर्थन कर रहे हैं।
2. अनंत सिंह किसे समर्थन दे रहे हैं?
अनंत सिंह ने जन सुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह के समर्थन का ऐलान किया है। उन्होंने नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार करने की बात भी कही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अनुज कुमार के लिए प्रचार करने की बात कही है।
3. नीरज कुमार को लेकर अनंत सिंह ने क्या कहा?
अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और दोनों के बीच पुराना विवाद फिर से सामने आया है। इनमें 2019 के AK-47 मामले से जुड़े आरोप भी शामिल हैं। ये आरोप अनंत सिंह की ओर से लगाए गए हैं और इन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
4. JDU नेतृत्व का क्या रुख है?
मामला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुका है। JDU के वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि विवाद पार्टी के संज्ञान में है और इसे उचित समय पर सुलझाने की कोशिश की जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी कहा कि पार्टी की प्राथमिकता विधान परिषद चुनाव में NDA के सभी उम्मीदवारों की जीत है।
5. क्या अनंत सिंह के खिलाफ पार्टी कार्रवाई करेगी?
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में पार्टी की ओर से अनंत सिंह के खिलाफ किसी अंतिम अनुशासनात्मक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। पार्टी नेतृत्व विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहा है।
इससे पहले भी दोनों नेताओं के बीच विवाद को खत्म करने के लिए JDU स्तर पर बैठक हो चुकी है, लेकिन मामला पूरी तरह शांत नहीं हुआ।
6. अब आगे क्या होगा?
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनाव 23 अक्टूबर 2026 को होना है। ऐसे में JDU के अंदर सामने आया यह विवाद चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है। पार्टी नेतृत्व के सामने एक तरफ अपने उम्मीदवार नीरज कुमार के समर्थन को मजबूत करने और दूसरी तरफ अनंत सिंह के विरोध को संभालने की चुनौती है।फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या JDU नेतृत्व अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद को चुनाव से पहले सुलझा पाएगा या यह टकराव विधान परिषद चुनाव तक जारी रहेगा।