SIR Protest: दिल्ली में चुनाव आयोग तक विपक्ष का मार्च आज, 19 दलों के सांसद उठाएंगे 3 बड़े मुद्दे
वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष का विरोध अब दिल्ली की सड़कों पर दिखाई देगा। INDIA ब्लॉक में शामिल 19 विपक्षी दल आज ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ निकालेंगे। विपक्षी सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग के मुख्यालय तक करीब 3 किलोमीटर पैदल मार्च करेंगे।
विपक्षी दलों का कहना है कि यह मार्च चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए किया जा रहा है।
Kharge ने बताया कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक दिन पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पार्टी की तीन मांगों को ‘नॉन-नेगोशिएबल’ बताया।
इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, SIR को वापस लेने और चुनाव में बैलेट पेपर की व्यवस्था बहाल करने की मांग शामिल है।
कांग्रेस के मुताबिक, इन मुद्दों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में पार्टी कार्यकर्ता और INDIA गठबंधन के सहयोगी प्रदर्शन कर रहे हैं।
19 दलों के पास लोकसभा में 178 सांसद
आज होने वाले मार्च में INDIA ब्लॉक की 19 पार्टियां शामिल होंगी। इन दलों के पास लोकसभा में कुल 178 और राज्यसभा में 62 सांसद होने का दावा किया गया है।
मार्च में कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, NCP (SP), शिवसेना (UBT), RJD, CPM, CPI, नेशनल कॉन्फ्रेंस, PDP, JMM, CPI-ML, IUML, KC (M), MDMK, VCK, RSP, AIFB और KC (J) के नेता-सांसद शामिल होंगे।
पहले भी चुनाव आयोग तक मार्च कर चुका है विपक्ष
यह पहली बार नहीं है जब विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च निकाल रहे हैं। 11 अगस्त 2025 को भी INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग के कार्यालय तक पैदल मार्च किया था।
उस मार्च में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार समेत विपक्षी दलों के कई नेता शामिल हुए थे।
बैठक में विपक्ष ने रखी थीं 5 मांगें
30 सितंबर को हुई विपक्षी गठबंधन की बैठक में चुनाव प्रक्रिया और वोटर लिस्ट से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी। गठबंधन की ओर से पांच प्रमुख मांगें सामने रखी गई थीं।
1. CEC के इस्तीफे की मांग
विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। साथ ही मतदाता सूची से जुड़े कथित मामलों की जांच में सहयोग की बात कही गई।
2. वोटर लिस्ट में पारदर्शिता
विपक्षी दलों ने मांग की कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया की जानकारी बूथ और विधानसभा स्तर पर सार्वजनिक की जाए। किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे नोटिस और अपील का अवसर देने की मांग भी की गई।
3. SIR की प्रक्रिया पर सवाल
विपक्ष का दावा है कि SIR के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हो सकते हैं। गठबंधन ने भविष्य के चुनावों में SIR से पहले की मतदाता सूची को आधार बनाने की मांग रखी।
4. EVM के बजाय बैलेट पेपर
विपक्षी दलों ने चुनाव में EVM की जगह बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग भी दोहराई है। इसके अलावा पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग रखी गई।
5. विपक्षी एकता पर जोर
INDIA ब्लॉक के दलों ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही के मुद्दे पर एकजुट रहने की अपील की है। विपक्ष का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अंतिम अधिकार जनता का होना चाहिए।
मार्च को लेकर दिल्ली में बढ़ सकती है राजनीतिक हलचल
SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार बयानबाजी हो रही है। ऐसे में संसद से चुनाव आयोग तक प्रस्तावित मार्च विपक्ष की एकजुटता दिखाने के साथ-साथ चुनाव आयोग पर राजनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।