नदियों की गाद से बनेंगी सड़कें, बाढ़ से निपटने के लिए केंद्र और बिहार सरकार के बीच बड़ा समझौता
बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या से निपटने और सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने नई पहल की है। इसके तहत नदियों और जल निकायों से वैज्ञानिक तरीके से गाद निकाली जाएगी और उपयोग के योग्य मिट्टी का इस्तेमाल राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में किया जाएगा। इस योजना से जल निकायों की क्षमता बढ़ाने के साथ सड़क निर्माण के लिए जरूरी सामग्री भी उपलब्ध हो सकेगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दो दिवसीय दिल्ली दौरे के दौरान मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और बिहार सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में यह समझौता हुआ।
गाद निकालने से बाढ़ का खतरा कम करने की कोशिश
बिहार में नदियों में लगातार गाद जमा होने से उनकी जलधारण क्षमता प्रभावित होती है। बारिश के मौसम में नदियों का जलस्तर बढ़ने पर आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो जाता है। इससे हर साल लोगों के घरों, फसलों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचता है।
नई योजना के तहत नदियों और जल निकायों से वैज्ञानिक तरीके से गाद निकाली जाएगी। इसके बाद उपयुक्त गाद और मिट्टी को राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा। इससे गाद के निपटारे की समस्या भी कम होगी और निर्माण कार्यों के लिए सामग्री की उपलब्धता बढ़ेगी।
चार बड़ी सड़क परियोजनाओं के लिए मांगे 49,751 करोड़ रुपये
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नितिन गडकरी के साथ बिहार की प्रमुख सड़क परियोजनाओं को लेकर भी बैठक की। इसमें करीब 330 किलोमीटर लंबी चार प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को जल्द केंद्रीय कैबिनेट (CCEA) से मंजूरी दिलाने का आग्रह किया गया।
इन परियोजनाओं के लिए करीब 49,751 करोड़ रुपये की मांग रखी गई। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन योजनाओं के पूरा होने से राज्य में आवागमन आसान होगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे और गंडक पुल पर चर्चा
बैठक में पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर विस्तार से बातचीत हुई। इसके अलावा वाराणसी-रांची-कोलकाता सिक्स लेन हाईवे के बिहार वाले हिस्से को जल्द आगे बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया गया।
गंडक नदी पर प्रस्तावित दो लेन के पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाने पर भी चर्चा हुई। इन परियोजनाओं से बिहार के विभिन्न जिलों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।
गोरखपुर-सिलीगुड़ी और रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे पर भी मंथन
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के बिहार वाले हिस्से को राष्ट्रीय एक्सप्रेस-वे के रूप में अधिसूचित करने का मुद्दा उठाया। वहीं, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी चर्चा हुई।
इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार का उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों से संपर्क मजबूत हो सकता है। इससे व्यापार और माल परिवहन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मिले सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली दौरे के पहले दिन 2 नवंबर को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान बिहार की सुरक्षा व्यवस्था, सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास पर चर्चा हुई।
बैठक में रक्षा मंत्रालय से संबंधित बिहार के लंबित मामलों को भी जल्द आगे बढ़ाने का आग्रह किया गया।
नवीकरणीय ऊर्जा सम्मेलन में भी शामिल हुए मुख्यमंत्री
दिल्ली दौरे के दौरान सम्राट चौधरी ने भारत मंडपम में आयोजित 'भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो' में भी हिस्सा लिया। 2 नवंबर को आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
सम्मेलन में स्वच्छ ऊर्जा, सौर ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। बिहार में भी सौर ऊर्जा के विस्तार और नई तकनीक के इस्तेमाल को लेकर संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे में बाढ़ प्रबंधन, सड़क निर्माण, सुरक्षा और ऊर्जा विकास से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए। अब इन प्रस्तावों पर आगे होने वाले फैसलों और परियोजनाओं की मंजूरी पर नजर रहेगी।