निकाय चुनाव से ठीक पहले BJP में बगावत! पूर्व जिला महामंत्री राकेश भाटी ने थामा हाथ का साथ!
राजस्थान में निकाय चुनावों की आहट के साथ ही भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनावी मैदान में मजबूत दावेदार उतारने के लिए दोनों पार्टियां प्रत्याशियों के चयन को लेकर रणनीति बनाने में जुटी हैं। इसी बीच भाजपा को पाली में बड़ा झटका लगा है। भाजपा से निष्कासित राकेश भाटी ने शनिवार को कांग्रेस का हाथ थाम लिया।
राकेश भाटी पाली नगर निगम की निवर्तमान महापौर रेखा भाटी के पति हैं। वह करीब 35 वर्षों तक भाजपा से जुड़े रहे और पांच बार पार्षद रह चुके हैं। जयपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाई और पार्टी का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया।
इस मौके पर पाली से कांग्रेस विधायक भीमराज भाटी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह राजपुरोहित समेत कई पार्टी नेता मौजूद रहे। खास बात यह है कि पाली भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का गृह जिला भी है। ऐसे में निकाय चुनाव से ठीक पहले राकेश भाटी का कांग्रेस में जाना भाजपा के लिए स्थानीय स्तर पर बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
पाली की राजनीति में राकेश भाटी का लंबा अनुभव
राकेश भाटी का पाली की स्थानीय राजनीति में काफी लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने साल 1999, 2004, 2009, 2014 और 2019 में पार्षद का चुनाव जीता। इसके अलावा साल 2004 में उन्होंने उपसभापति की जिम्मेदारी संभाली, जबकि 2007 में करीब साढ़े तीन महीने तक नगर परिषद सभापति भी रहे। साल 2009 में वह नगर परिषद में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में भी रहे।
राकेश भाटी पूर्व केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी के प्रतिनिधि के तौर पर भी करीब 10 वर्षों तक काम कर चुके हैं। उनकी पत्नी रेखा भाटी पाली नगर निगम की निवर्तमान महापौर हैं। ऐसे में दोनों का स्थानीय राजनीति में प्रभाव माना जाता है।
भाजपा छोड़ने पर राकेश भाटी ने बताई नाराजगी
भाजपा से अलग होने के बाद राकेश भाटी ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि वह जनता की समस्याओं को लेकर जयपुर गए थे, लेकिन इसी दौरान एक पूर्व विधायक ने उनके खिलाफ साजिश रची और उन्हें तथा उनकी पत्नी रेखा भाटी को पार्टी से निष्कासित करवा दिया।
राकेश भाटी ने कहा कि अब उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है और कांग्रेस के झंडे के नीचे रहकर पाली की जनता की सेवा करेंगे।
कुछ दिन पहले कांग्रेस के नेता ने थामा था भाजपा का दामन
राजस्थान की राजनीति में दल-बदल का सिलसिला लगातार देखने को मिल रहा है। इससे पहले 27 अगस्त को जैसलमेर जिले के पोकरण में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष आनंदीलाल गुचिया भाजपा में शामिल हुए थे।
आनंदीलाल गुचिया करीब 11 वर्षों तक पोकरण नगर पालिका के अध्यक्ष रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी।
निकाय चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों में नेताओं के आने-जाने का यह सिलसिला आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। ऐसे में पाली समेत राजस्थान के कई निकाय क्षेत्रों में नेताओं के दल बदलने का असर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।