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Rajasthan का सबसे दिलचस्प चुनावी मुकाबला: बागी प्रत्याशी ने दी कड़ी टक्कर, केवल 1 वोट से जीती BJP

 

राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के बाद सोमवार को महापौर, सभापति और अध्यक्ष पदों के लिए मतदान हुआ। प्रदेश की 273 निकायों में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक वोटिंग हुई। इसके बाद कई जगह मतगणना शुरू हुई और देखते ही देखते अलग-अलग निकायों से नतीजे सामने आने लगे।चुनाव के दौरान कई जगहों पर सियासी खींचतान, हंगामा और पार्षदों की बाड़ेबंदी देखने को मिली। श्रीगंगानगर, अजमेर, सीकर, दौसा और तिजारा समेत कई जगहों पर तनाव की स्थिति बनी। वहीं, कई निकायों में बेहद करीबी मुकाबले देखने को मिले, जहां कभी एक वोट तो कहीं पर्ची के जरिए अध्यक्ष का फैसला हुआ।

273 निकायों में मतदान, 32 अध्यक्ष पहले ही निर्विरोध

राजस्थान के 305 निकायों में से 273 निकायों में सोमवार को महापौर, सभापति और अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ। 32 निकायों में प्रमुख पदों पर प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके थे।

चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी की थी। कई जगह पार्षदों को होटल और रिसॉर्ट में रखा गया और मतदान के समय कड़ी सुरक्षा के बीच सीधे मतदान केंद्रों तक पहुंचाया गया।

तिजारा में 18 पार्षदों के कथित गायब होने पर हंगामा

तिजारा में कांग्रेस गुट के 18 पार्षदों के कथित तौर पर गायब होने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस समर्थकों ने आरोप लगाया कि पार्षदों को दूसरी जगह ले जाया गया है।

मामला बढ़ने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और थाने के पास रास्ता जाम कर दिया। समर्थकों ने पार्षदों को वापस लाने और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की। इस पूरे घटनाक्रम से इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

श्रीविजयनगर में फायरिंग की सूचना के बाद तनाव

श्रीगंगानगर जिले के श्रीविजयनगर में अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले कथित पार्षद अपहरण की खबरों के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया। फायरिंग की सूचना से भी हड़कंप मचा।

इसके बाद कांग्रेस समर्थकों और पुलिस के बीच भी झड़प की स्थिति बनी। पुलिस ने बैरिकेडिंग के जरिए भीड़ को रोकने की कोशिश की। पूरे मामले में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई और घटनाक्रम की जांच की गई।

बाद में श्रीगंगानगर नगर परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा के अजय दावड़ा ने 33 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उनके मुकाबले भाजपा के बागी संजय मूंदड़ा को 32 वोट मिले। यानी यहां फैसला सिर्फ एक वोट के अंतर से हुआ।

मलसीसर में बराबरी के बाद पर्ची से हुआ फैसला

झुंझुनूं जिले के मलसीसर में अध्यक्ष पद का चुनाव बेहद दिलचस्प रहा। कुल 20 पार्षदों के मतदान में भाजपा और कांग्रेस दोनों को 10-10 वोट मिले।

बराबरी के बाद अध्यक्ष पद का फैसला पर्ची डालकर किया गया। इसमें भाजपा के पवन कुमार के नाम की पर्ची निकली और उन्हें अध्यक्ष घोषित किया गया।

यानी यहां पूरा मुकाबला 10-10 की बराबरी पर पहुंचने के बाद एक पर्ची ने बोर्ड की तस्वीर बदल दी।

परबतसर में भी सिर्फ एक वोट का अंतर

डीडवाना जिले के परबतसर में भाजपा के श्रीभगवान बंग ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीत लिया। उन्हें 25 में से 13 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी बजरंगलाल माली को 12 वोट मिले।

यहां भी भाजपा को सिर्फ एक वोट के अंतर से जीत मिली।

चूरू में भाजपा का दबदबा

चूरू नगर परिषद में भाजपा के विनय गोयनका सभापति निर्वाचित हुए। चुनाव में भाजपा को 34 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में 26 वोट पड़े।

इस तरह भाजपा ने 8 वोट के अंतर से जीत दर्ज की।

इसके अलावा बीदासर नगर पालिका में भी भाजपा की सुमन प्रजापत ने जीत दर्ज की। उन्हें 19 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 15 और निर्दलीय प्रत्याशी को एक वोट मिला।

प्रतापगढ़ में कांग्रेस ने बनाई सरकार

प्रतापगढ़ नगर परिषद में कांग्रेस की ज्योति सोनी सभापति निर्वाचित हुईं। उन्हें 21 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी मनीषा जैन को 18 वोट मिले। एक वोट खारिज हुआ।

ज्योति सोनी की जीत के साथ प्रतापगढ़ नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बन गया।

राजसमंद में भाजपा की अनिता पालीवाल सभापति

राजसमंद नगर परिषद में भाजपा की अनिता पालीवाल ने सभापति पद पर जीत दर्ज की। भाजपा के 27 और तीन निर्दलीय पार्षदों ने उनके पक्ष में मतदान किया।

कांग्रेस प्रत्याशी मोहन कुमावत को 15 वोट मिले। परिषद में कुल 45 वार्ड हैं।

सीकर में भी कई निकायों के नतीजे आए

सीकर जिले की कई नगर पालिकाओं में अध्यक्ष पद के परिणाम सामने आए। दांता में कांग्रेस के भंवरलाल अध्यक्ष बने। धोद में भाजपा के नवीन पंवार ने जीत दर्ज की।

लोसल में कांग्रेस के लक्ष्मणगढ़ सिंह अध्यक्ष बने, जबकि अजीतगढ़ में कांग्रेस के ओमप्रकाश कुमावत ने भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र सैनी को हराया। अजीतगढ़ में कांग्रेस को 15 और भाजपा को 10 वोट मिले।

रींगस में मुकाबला और भी करीबी रहा, जहां भाजपा के अमित शर्मा ने कांग्रेस को सिर्फ एक वोट से हराकर अध्यक्ष पद हासिल किया।

अजमेर में मतदान से पहले हंगामा

अजमेर नगर निगम में मेयर चुनाव को लेकर मतदान से पहले ही सियासी हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी किरण गढ़वाल को लेकर कांग्रेस नेता निगम परिसर पहुंचे।

इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई और हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। बाद में भाजपा पार्षदों के मतदान के बाद कांग्रेस पार्षद भी वोट डालने पहुंचे।

उदयपुर में भाजपा के पारस सिंघवी मेयर

उदयपुर नगर निगम में भाजपा के पारस सिंघवी महापौर निर्वाचित हुए। उपलब्ध चुनाव अपडेट के अनुसार उन्हें 55 वोट मिले और उनके महापौर बनने के साथ उदयपुर में भाजपा का बोर्ड बना।

भरतपुर में पहले ही निर्विरोध चुनी गईं अनुराधा सिंह

भरतपुर नगर निगम में अनुराधा सिंह पहले ही निर्विरोध महापौर चुनी जा चुकी थीं। सोमवार को उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली।

उनके साथ तीन पार्षदों ने भी शपथ ली।

बांसवाड़ा में भी सियासी गणित पर नजर

बांसवाड़ा नगर परिषद में भाजपा के पार्षद मतदान के लिए बस से पहुंचे। यहां कुल 60 वार्ड हैं और बहुमत के लिए 31 पार्षदों का समर्थन जरूरी है।

वहीं परतापुर-गढ़ी नगरपालिका में भी कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।

बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला बने मेयर

दिन के सबसे बड़े नतीजों में से एक बीकानेर से आया। बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस के अनिल कल्ला महापौर निर्वाचित हुए।

चुनाव में कुल 80 वोटों में से कांग्रेस प्रत्याशी को 49 वोट मिले। नतीजे सामने आने के बाद कांग्रेस समर्थकों ने जश्न मनाया।

अब अगला मुकाबला डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष पदों का

महापौर, सभापति और अध्यक्ष पदों के चुनाव के बाद अब मंगलवार यानी 22 सितंबर को उप महापौर, उप सभापति और उपाध्यक्ष पदों के लिए चुनाव होगा।

इन पदों के लिए मतदान के बाद मतगणना होगी। वहीं जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम तथा सुकेत नगर पालिका में महापौर और अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 25 सितंबर की तारीख तय है।

कुल मिलाकर क्या रहा खास?

राजस्थान निकाय चुनाव के पहले चरण में कई जगह मुकाबला बेहद करीबी रहा। कहीं एक वोट ने जीत तय की, कहीं 10-10 की बराबरी के बाद पर्ची से फैसला हुआ, तो कहीं पार्षदों की बाड़ेबंदी और हंगामे ने चुनावी माहौल को गर्म बनाए रखा।

अब मंगलवार को उप महापौर और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव के साथ निकायों में बोर्ड गठन की तस्वीर और साफ होगी।