राहुल गांधी का बड़ा ऐलान: देशव्यापी 'सत्याग्रह' की शुरुआत, बोले- अन्याय के खिलाफ संसद से सड़क तक दूंगा साथ
देशभर में अलग-अलग मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलनों के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को ‘सत्याग्रह’ नाम से एक नई डिजिटल पहल शुरू की है। इस प्लेटफॉर्म का मकसद देश के अलग-अलग हिस्सों में अपने अधिकारों और विभिन्न मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे लोगों की आवाज को एक मंच पर लाना है।
राहुल गांधी ने लोगों से अपील की है कि अगर वे किसी अन्याय या अपने अधिकारों से जुड़े मुद्दे को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, तो अपनी कहानी ‘सत्याग्रह’ के जरिए साझा करें। इस प्लेटफॉर्म पर लोग अपने आंदोलन और उससे जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। साथ ही देशभर में इसी तरह के मुद्दों पर चल रहे दूसरे आंदोलनों की जानकारी भी देखी जा सकती है।
राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में कई लोग अपने हक के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन अक्सर उनकी आवाज अकेली रह जाती है। उनका कहना है कि जब अलग-अलग जगहों पर उठ रही आवाजें एक-दूसरे से जुड़ती हैं, तो उनके मुद्दों को व्यापक स्तर पर सामने लाया जा सकता है। उन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह के विचार का भी उल्लेख किया और लोगों से अपनी-अपनी संघर्ष की कहानी साझा करने को कहा।
CEC और SIR को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन
दूसरी तरफ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन भी जारी है। INDIA ब्लॉक ने 2 से 8 अक्टूबर के बीच देशभर में ‘Save Democracy’ अभियान के तहत प्रदर्शन करने का कार्यक्रम घोषित किया है।
इसके तहत जिला स्तर पर मार्च और प्रदर्शन किए जा रहे हैं। विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च निकालने वाले हैं। इसके अलावा INDIA ब्लॉक के नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगने की भी योजना बनाई है।
2 अक्टूबर को दिल्ली और मुंबई में भी प्रदर्शन हुए। दिल्ली में AAP, लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठनों और अन्य समूहों ने प्रदर्शन किया, जबकि मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने विरोध प्रदर्शन किया। रिपोर्टों के मुताबिक दिल्ली में कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
आखिर SIR को लेकर विवाद क्या है?
SIR यानी Special Intensive Revision के तहत मतदाता सूची की समीक्षा और अपडेट किया जा रहा है। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने कई सवाल उठाए हैं। विवाद के बीच चुनाव आयोग ने भी मतदाता सूची से जुड़े सॉफ्टवेयर और प्रक्रियाओं की समीक्षा के लिए कदम उठाए हैं। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक आयोग ने वोटर-रोल सॉफ्टवेयर की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने की बात कही है।
विपक्ष का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने और उन्हें दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं है। वहीं चुनाव आयोग ने प्रक्रियाओं को कानूनी नियमों के तहत संचालित किए जाने की बात कही है।
Form-6 और चुनाव आयोग को लेकर भी सवाल
हाल के दिनों में Form-6 में बदलाव को लेकर भी विवाद सामने आया है। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से सवाल किया है कि नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े ऑनलाइन Form-6 में बदलाव का आदेश किस स्तर पर दिया गया और इसमें टेक्नोलॉजी कंपनी TCS की क्या भूमिका रही।
इसी पूरे विवाद के बीच विपक्षी दल CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और SIR प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। दूसरी ओर चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रियाओं को नियमों के अनुरूप बताया है।
अब राहुल गांधी की ‘सत्याग्रह’ पहल और INDIA ब्लॉक के आगामी प्रदर्शनों के बाद यह मुद्दा आने वाले दिनों में और चर्चा में रहने वाला है। खास नजर 6 अक्टूबर को प्रस्तावित विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग मार्च पर रहेगी।