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Rahul Gandhi Protest: 48 घंटे में 14 घंटे सड़क पर राहुल गांधी, SIR के विरोध में दो दिन लगातार प्रदर्शन
 

 

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया यानी SIR को लेकर विपक्ष का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 6 और 7 अक्टूबर को लगातार दो दिन दिल्ली में प्रदर्शन किया। इन दो दिनों के दौरान वह करीब 14 घंटे से ज्यादा समय तक आंदोलन का हिस्सा रहे।
राहुल गांधी के साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और INDIA ब्लॉक के कई विपक्षी सांसद भी मौजूद रहे। पुलिस ने दोनों दिनों में कई मौकों पर प्रदर्शनकारियों को रोका और हिरासत में लिया।
संसद से शुरू हुआ मार्च, बैरिकेड पर चढ़े राहुल
6 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद संसद परिसर से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च के लिए निकले। विपक्ष की प्रमुख मांगों में SIR को वापस लेना, वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों की जांच और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल थी।
मार्च आगे बढ़ा तो पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। राहुल गांधी बैरिकेड पर चढ़ गए और हाथ में तिरंगा लेकर विरोध जताया। इसके बाद पुलिस ने राहुल समेत कई विपक्षी नेताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया।
आकाशवाणी परिसर में शुरू हुआ लंबा धरना
मार्च रोके जाने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी सांसद आकाशवाणी भवन परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने चुनाव आयोग से मुलाकात की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया।
राहुल गांधी ने धरने के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक अधिकारों और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठा रहा है। विपक्ष चाहता था कि बड़ी संख्या में सांसदों का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मुलाकात करे।
हालांकि चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसी राजनीतिक दल की ओर से समय पर औपचारिक मुलाकात का अनुरोध नहीं किया गया था। आयोग ने सांसदों के इतने बड़े प्रतिनिधिमंडल से संसद परिसर में मुलाकात के प्रस्ताव को अपने तय प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं बताया।
पेड़ के नीचे खाना खाते दिखे राहुल
लंबे धरने के दौरान राहुल गांधी का एक वीडियो भी चर्चा में रहा, जिसमें वह पेड़ के नीचे जमीन पर बैठकर खाना खाते नजर आए। उनके आसपास विपक्षी नेता और समर्थक मौजूद थे।
कई घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद रात में पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर खाली कराया। दिल्ली पुलिस के अनुसार करीब 260 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें लगभग 10 सांसद भी शामिल थे। बाद में सभी को छोड़ दिया गया।
अगले दिन फिर सड़क पर उतरे राहुल
6 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद विपक्ष ने आंदोलन रोकने के बजाय अगले दिन भी इसे जारी रखने का फैसला किया। 7 अक्टूबर को राहुल गांधी समेत INDIA ब्लॉक के सांसदों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी की।
विपक्ष की मांगों में SIR को लेकर आपत्ति, वोटर लिस्ट से जुड़े आरोप और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग प्रमुख रही।
लंच के बाद बस से जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए सांसद
7 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के लिए लंच का आयोजन किया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में सांसद बसों से जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए।
रास्ते में पुलिस ने बस को रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी बस से उतरकर सड़क पर खड़े हो गए। उन्होंने आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। रास्ता खाली नहीं करने पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें उठाकर हिरासत में ले लिया।
करीब दो घंटे बाद राहुल गांधी को छोड़ दिया गया।
2026 में विरोध प्रदर्शनों में राहुल की सक्रियता बढ़ी
भारत जोड़ो यात्रा के बाद 2026 में राहुल गांधी के सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने की गतिविधियां ज्यादा दिखाई दे रही हैं। इस साल उन्होंने अलग-अलग मुद्दों को लेकर विपक्ष और प्रदर्शनकारियों के साथ कई बड़े विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है।
6 और 7 अक्टूबर का प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राहुल गांधी लगातार दो दिन तक सड़क पर विपक्ष के आंदोलन का नेतृत्व करते दिखाई दिए। इस दौरान उनका सीधा टकराव पुलिस से भी हुआ और दोनों दिन उन्हें हिरासत में लिया गया।
अब विपक्ष की नजर आगे की रणनीति पर है। SIR और चुनाव आयोग को लेकर जारी यह विवाद आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बना रह सकता है।