पंजाब में नशे पर सियासत तेज, BJP की 4 हजार किमी ‘नशा मुक्त यात्रा’, चन्नी ने मान सरकार पर उठाए सवाल
पंजाब में नशे का मुद्दा एक बार फिर राजनीति के केंद्र में है। राज्य में ड्रग्स के खिलाफ बीजेपी ने ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की है, वहीं कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, पंजाब सरकार का कहना है कि नशे के खिलाफ उसका अभियान लगातार जारी है और पुलिस को ड्रग सप्लायरों व तस्करों पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
4 हजार किलोमीटर की यात्रा, 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचने का दावा
बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ 18 सितंबर से शुरू हुई है। पार्टी के मुताबिक, चार चरणों में चलने वाली यह यात्रा करीब 4,000 किलोमीटर का सफर तय करते हुए पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचेगी। इसका समापन 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित है। बीजेपी इसे नशे के खिलाफ जनजागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाने वाला अभियान बता रही है।बीजेपी नेताओं का कहना है कि पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने और ड्रग्स के खिलाफ समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषणों में इस यात्रा को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की राजनीतिक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है।
BJP ने मान सरकार पर लगाए सवाल
यात्रा के दौरान बीजेपी नेताओं ने पंजाब में नशे की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि सरकार के दावों के बावजूद राज्य में ड्रग्स की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
वहीं, बीजेपी की ओर से यह भी कहा गया है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसमें आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।
चन्नी ने भी भगवंत मान पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर भगवंत मान सरकार पर सवाल उठाए हैं। चन्नी का कहना है कि नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक क्षमता और ड्रग तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई जरूरी है। हालिया बातचीत में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार, दोनों से नशे के मुद्दे पर जवाबदेही की मांग की है।
चन्नी ने यह भी कहा है कि सरकारों के बीच एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय ड्रग्स की सप्लाई रोकने और ग्रामीण इलाकों तक पहुंच रही नशे की समस्या पर प्रभावी तरीके से काम करने की जरूरत है।
मान सरकार का क्या है कहना?
दूसरी तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार का कहना है कि नशे के खिलाफ ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है।
16 सितंबर को अभियान की समीक्षा करते हुए भगवंत मान ने पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ड्रग सप्लायरों, तस्करों और नशा बेचने वालों के खिलाफ जमीनी स्तर पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए थे। सरकार के मुताबिक, अभियान अब अंतिम चरण में है और गांवों में स्थानीय लोगों की भागीदारी भी बढ़ रही है।
मान सरकार और बीजेपी के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए हैं। भगवंत मान ने बीजेपी की यात्रा पर सवाल उठाते हुए केंद्र से पंजाब में ड्रग्स की सप्लाई रोकने के लिए भी कदम उठाने की बात कही है।
अब नशे के मुद्दे पर बढ़ी राजनीतिक हलचल
पंजाब में नशे का मुद्दा अब सिर्फ कानून-व्यवस्था या स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक बहस का भी बड़ा हिस्सा बन चुका है। बीजेपी अपनी यात्रा के जरिए इसे राज्यभर में उठाने की कोशिश कर रही है, कांग्रेस नेता सरकार से जवाबदेही मांग रहे हैं, जबकि भगवंत मान सरकार अपने अभियान और पुलिस कार्रवाई को सामने रख रही है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में और कितना बड़ा रूप लेता है, यह देखने वाली बात होगी।