राजनीतिक हलचल: प्रियंका गांधी का केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार, कहा- देश में लोकतंत्र के बजाय तानाशाही का माहौल
कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र की जगह तानाशाही जैसी स्थिति बनती जा रही है।
प्रियंका गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर विपक्षी सांसदों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पहले 254 सांसदों के साथ धक्का-मुक्की की गई और उन्हें कथित तौर पर अवैध तरीके से हिरासत में लिया गया। प्रियंका के मुताबिक, इस दौरान उनके संवैधानिक अधिकारों का भी उल्लंघन हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में अन्य विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया गया।
दिल्ली में बैरिकेडिंग और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का आरोप
प्रियंका गांधी ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी के कई हिस्सों में बैरिकेडिंग की गई, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। उन्होंने ट्रेनों और मेट्रो सेवाओं में बाधा, इंटरनेट बंद किए जाने और जगह-जगह जांच चौकियां बनाए जाने का भी दावा किया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए प्रदर्शन कर रहे युवक-युवतियों के साथ मारपीट की गई और उन्हें हिरासत में लिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना नागरिकों का अधिकार है, ऐसे में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई क्यों की जा रही है।
चुनाव आयोग पर भी लगाए गंभीर आरोप
प्रियंका गांधी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में कथित अनियमितताओं के मामले में आयोग की भूमिका संदेह के घेरे में है। उनके अनुसार, सरकार चुनाव प्रक्रिया और अपनी जवाबदेही को लेकर उठ रहे सवालों का सामना करने से बच रही है।
उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी हैं। विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए, न कि विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, चुनाव आयोग की मिलीभगत और चुनावों में धांधली से जुड़े ये आरोप प्रियंका गांधी के हैं।
लोकतंत्र को कमजोर करने वालों पर साधा निशाना
प्रियंका गांधी ने अपने बयान में आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिकों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने सरकार का समर्थन करने वालों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने वाली गतिविधियों का साथ देना देश के हितों के खिलाफ है।
कांग्रेस महासचिव के इस बयान से केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव एक बार फिर चर्चा में आ गया है। प्रियंका गांधी ने सरकार से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही की मांग करते हुए आरोप लगाया कि विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के आधार पर ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।