जंतर-मंतर प्रदर्शन पर सियासी घमासान, रिजिजू के बयान पर भड़के राहुल गांधी; पुलिस कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। किरेन रिजिजू पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "केंद्रीय मंत्री कहते हैं कि दिल्ली पुलिस तारीफ की हकदार है। संसद से सिर्फ़ आधा किलोमीटर दूर, शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पेलेट गन और कील लगी लाठियों से हमला किया गया; एक लड़की की आँख चली गई और एक लड़की का कान कट गया। क्या हमें इस बर्बरता की तारीफ़ करनी चाहिए?"
मोदी सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि “दिल्ली पुलिस की तारीफ करनी चाहिए।”
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 18, 2026
संसद से आधा किलोमीटर दूर, शांतिपूर्ण छात्रों पर पैलेट गन चली, कील लगी लाठियाँ चलीं, एक बच्चे की आँख चली गई, एक बच्ची का कान कट गया। इस बर्बरता की तारीफ करनी चाहिए?
मैं ख़ुद उन घायल बच्चों से मिला हूँ।… https://t.co/LELgwxuQcE
मोदी सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि “दिल्ली पुलिस की तारीफ करनी चाहिए।”
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 18, 2026
संसद से आधा किलोमीटर दूर, शांतिपूर्ण छात्रों पर पैलेट गन चली, कील लगी लाठियाँ चलीं, एक बच्चे की आँख चली गई, एक बच्ची का कान कट गया। इस बर्बरता की तारीफ करनी चाहिए?
मैं ख़ुद उन घायल बच्चों से मिला हूँ।… https://t.co/LELgwxuQcE
राहुल गांधी ने और क्या कहा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "मैं व्यक्तिगत रूप से उन घायल बच्चों से मिला हूँ। देश ने हज़ारों वीडियो देखे हैं। झूठ और हिंसा इस सरकार के मुख्य सिद्धांत हैं। पहले बच्चों को लाठियों से पीटना, फिर यह दावा करना कि कुछ हुआ ही नहीं। पूरे सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री अमित शाह नदारद रहे और विरोध प्रदर्शनों से बचते रहे, जबकि प्रधानमंत्री ने अभी तक छात्रों से माफ़ी नहीं माँगी है। सच तो यह है कि इस देश के लिए सबसे बड़ा खतरा ऐसे नासमझ लोगों से है - जो न तो अपनी गलतियाँ देखते हैं और न ही गलती होने पर उन्हें मानते हैं। इस देश के बच्चों से झूठ मत बोलिए; उनके पास भी आँखें और यादें हैं।"
रिजिजू ने दिल्ली पुलिस की तारीफ़ की। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने समाचार एजेंसी ANI को बताया, "जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई घायल नहीं हुआ और किसी की हड्डी नहीं टूटी। गंभीर चोटों के कारण किसी भी प्रदर्शनकारी को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया। आंदोलन में हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया और हिंसा भड़काने के लिए छात्रों के भेष में कई अपराधी भीड़ में शामिल हो गए, फिर भी कोई हताहत नहीं हुआ। बिना किसी गंभीर चोट के इतने बड़े विरोध प्रदर्शन को संभालने के लिए दिल्ली पुलिस और प्रशासन तारीफ़ के हकदार हैं। कांग्रेस के शासनकाल में पुलिस फायरिंग में हज़ारों लोग मारे गए थे। दिल्ली प्रशासन ने विरोध प्रदर्शन के दौरान लाठी का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया; प्रदर्शनकारियों को तभी रोका गया जब वे ज़बरदस्ती संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस तारीफ़ की हकदार है।"