BRICS बैठक में विपक्षी CM की गैरमौजूदगी पर सियासी सवाल, BJP के छह मुख्यमंत्री हुए शामिल
नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय BRICS बैठक संपन्न हो गई. बैठक में देश के सभी मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन विपक्षी दलों द्वारा शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री इसमें शामिल नहीं हुए. विपक्षी मुख्यमंत्रियों की गैरमौजूदगी को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है. हालांकि, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री पहले से तय कार्यक्रमों में व्यस्त थे.
बैठक के दौरान भारत मंडपम में रात्रिभोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें BJP शासित छह राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए. इस दौरान केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा देखने को मिली.
BJP के छह मुख्यमंत्रियों ने लिया हिस्सा
भारत मंडपम में आयोजित रात्रिभोज में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौजूद रहीं.
दूसरी ओर, केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बैठक में नहीं पहुंचे.
विपक्षी दलों का बैठकों से दूरी बनाने का पुराना सिलसिला
विपक्षी दलों की ओर से इस तरह की महत्वपूर्ण बैठकों से दूरी बनाने का मामला नया नहीं है. जुलाई 2024 में नीति आयोग की नौवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भी कई विपक्षी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए थे.
उस समय कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के कुछ नेताओं ने केंद्रीय बजट में गैर-NDA शासित राज्यों के साथ कथित भेदभाव का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार किया था. इसमें केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, पंजाब और दिल्ली की तत्कालीन आम आदमी पार्टी सरकारों तथा तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का नाम शामिल था.
G20 डिनर में भी नहीं पहुंचे थे कांग्रेस के सभी CM
साल 2023 में नई दिल्ली में आयोजित G20 डिनर के दौरान भी कांग्रेस शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे. हालांकि, INDIA ब्लॉक के कई अन्य नेता कार्यक्रम में पहुंचे थे. इनमें तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी शामिल थे.
BRICS घोषणा-पत्र को लेकर कांग्रेस ने साधा निशाना
BRICS बैठक समाप्त होने के बाद कांग्रेस ने इसके नतीजों और घोषणा-पत्र को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं. पार्टी का कहना है कि बैठक से जो उम्मीदें थीं, उसके मुकाबले उपलब्धियां कम रहीं.
कांग्रेस ने विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और पहलगाम आतंकी हमले का घोषणा-पत्र में उल्लेख नहीं होने पर सवाल खड़े किए. पार्टी नेताओं का आरोप है कि भारत के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों को घोषणा-पत्र में पर्याप्त जगह नहीं मिली.
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने चीन के साथ सीमा विवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख को लेकर भारत को चीन के सामने अपना रुख और अधिक स्पष्ट करना चाहिए था. उनके मुताबिक, चीन से इन क्षेत्रों से पीछे हटने की मांग भारत के लिए इस सम्मेलन का अहम परिणाम हो सकती थी.
राशिद अल्वी ने पहलगाम हमले को लेकर उठाया सवाल
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने भी BRICS घोषणा-पत्र में आतंकवाद और पहलगाम हमले के उल्लेख को लेकर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि आतंकवाद और पहलगाम घटना की निंदा किए जाने के बावजूद घोषणा-पत्र में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इस हमले के पीछे कौन था.
उन्होंने सवाल किया कि यदि आतंकवाद की निंदा की गई है तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि दुनिया में आतंकवाद को बढ़ावा देने या फैलाने के लिए कौन जिम्मेदार है. इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने BRICS बैठक के नतीजों पर सरकार से जवाब मांगा है.