Political Controversy: खरगे की टिप्पणी पर बिहार से दिल्ली तक सियासी घमासान, अमित शाह ने कांग्रेस को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक कथित बयान को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है। इस मामले में खरगे के खिलाफ पटना में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष की आलोचना की है। भाजपा ने इस मुद्दे पर देशभर में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
पटना में कार्यक्रम के दौरान हुआ विवाद
यह मामला पटना के बापू सभागार में आयोजित कांग्रेस के एक कार्यक्रम से जुड़ा है। यह कार्यक्रम बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खरगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए भाषण दे रहे थे। इसी दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर बीच में हस्तक्षेप किया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं।
इसके जवाब में खरगे की ओर से की गई टिप्पणी विवाद का कारण बन गई। बयान सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया, जबकि कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम को अलग संदर्भ में पेश किया है।
खरगे के खिलाफ पटना में शिकायत दर्ज
बिहार भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य कृष्ण कुमार ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराकर जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने टेलीविजन पर प्रसारित खबरों के जरिए कथित टिप्पणी के बारे में जाना और इससे उन्हें ठेस पहुंची।
शिकायत में सार्वजनिक मंच से किसी व्यक्ति के परिवार को लेकर अपमानजनक टिप्पणी किए जाने पर आपत्ति जताई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं को भाषा की मर्यादा और आपसी सम्मान बनाए रखना चाहिए। हालांकि, शिकायत दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं।
अमित शाह और भाजपा नेताओं ने की आलोचना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि खरगे की टिप्पणी ने राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी बयान की आलोचना की।
वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खरगे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की। भाजपा नेताओं ने इस घटना को लेकर कांग्रेस की राजनीतिक शैली पर सवाल उठाए हैं।
घटना से जुड़े सामने आए वीडियो को लेकर भी विवाद है। रिपोर्टों में दावा किया गया कि भाषण के दौरान हस्तक्षेप करने वाले व्यक्ति के साथ कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की झड़प हुई। इस घटनाक्रम को लेकर भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
कांग्रेस ने किया खरगे का बचाव
दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपने अध्यक्ष का बचाव करते हुए कहा कि उनके बयान को उसके पूरे संदर्भ में देखा जाना चाहिए। पार्टी का दावा है कि कार्यक्रम के दौरान भाजपा के एक कार्यकर्ता ने पहले खरगे के दिवंगत पिता को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी। कांग्रेस के मुताबिक, इसके जवाब में खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी के वैचारिक संबंधों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का उल्लेख किया था।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों में खरगे के साथ अपमानजनक व्यवहार की दूसरी घटना सामने आई है। पार्टी ने अगस्त में उत्तराखंड की एक रैली के बाद हुई कथित घटना का भी जिक्र किया।
बयान पर बढ़ा राजनीतिक टकराव
खरगे की टिप्पणी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा जहां इसे अनुचित बयान बताते हुए माफी की मांग कर रही है, वहीं कांग्रेस का कहना है कि टिप्पणी को उसके संदर्भ से अलग करके पेश किया जा रहा है।
फिलहाल, इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी जारी है। विवाद से जुड़े आरोपों और शिकायत पर आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।