PM Modi Birthday: वडनगर की वो चाय की दुकान जहां बचपन में पिता की मदद करते थे मोदी, अब कैसी दिखती है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर को मनाया जाता है. हर साल इस मौके पर उनके जीवन से जुड़े पुराने किस्से और उनसे जुड़ी जगहें एक बार फिर चर्चा में आती हैं. गुजरात के वडनगर रेलवे स्टेशन से जुड़ी एक ऐसी ही जगह है, जिसे नरेंद्र मोदी के बचपन की यादों से जोड़ा जाता है. बताया जाता है कि बचपन में वह अपने पिता दामोदरदास मोदी के साथ रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने में मदद करते थे.
वडनगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के बाद स्टेशन का स्वरूप काफी बदल चुका है, लेकिन पुराने चाय स्टॉल को उसकी पहचान के साथ सुरक्षित रखा गया है. अब यहां पहले की तरह चाय की दुकान संचालित नहीं होती, बल्कि यह स्थान पुराने स्टॉल और उससे जुड़ी स्मृतियों को देखने के लिए संरक्षित किया गया है.
वडनगर स्टेशन से जुड़ी है बचपन की कहानी
गुजरात के मेहसाणा जिले में स्थित वडनगर को नरेंद्र मोदी का जन्मस्थान माना जाता है. उनके बचपन से जुड़ी कई यादें इसी शहर से जुड़ी हुई हैं. वडनगर रेलवे स्टेशन भी उन्हीं जगहों में शामिल है.
मीडिया रिपोर्ट्स में अक्सर यह उल्लेख मिलता रहा है कि नरेंद्र मोदी बचपन में अपने पिता के चाय बेचने के काम में हाथ बंटाते थे. ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने के दौरान यात्रियों को चाय देने में भी वह मदद करते थे. इसी वजह से स्टेशन परिसर में मौजूद पुराना चाय स्टॉल उनके शुरुआती जीवन से जुड़ी चर्चित जगह बन गया.
अब यहां नहीं मिलती पहले जैसी चाय
वडनगर स्टेशन पर मौजूद यह पुराना स्टॉल अब सामान्य चाय की दुकान के तौर पर इस्तेमाल नहीं होता. स्टेशन के विकास और पुनर्विकास के दौरान इसे संरक्षित करने का फैसला किया गया, ताकि इससे जुड़ी ऐतिहासिक पहचान बनी रहे.
यानी अगर कोई व्यक्ति आज वडनगर रेलवे स्टेशन पहुंचकर इस जगह को देखता है तो उसे पहले जैसी चलती हुई चाय की दुकान नजर नहीं आएगी. इसके बजाय पुराने स्टॉल को एक संरक्षित स्थान के रूप में देखा जा सकता है.
Heritage Spot के तौर पर किया गया संरक्षण
रिपोर्ट्स के अनुसार, 2019 के आसपास इस जगह को पर्यटन से जोड़ने और संरक्षित करने की योजना पर चर्चा हुई थी. इसके बाद पुराने स्टॉल को सुरक्षित रखने की दिशा में काम किया गया. इसे संरक्षित करने के लिए कवर या सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की बात भी सामने आई थी.
इसका उद्देश्य उस जगह को उसके पुराने स्वरूप और उससे जुड़ी कहानी के साथ लोगों के सामने रखना था. इसी वजह से वडनगर आने वाले पर्यटकों के लिए यह स्थान स्थानीय इतिहास का हिस्सा बन गया है.
2021 में स्टेशन का हुआ पुनर्विकास
वडनगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के बाद इसका स्वरूप भी बदला. स्टेशन को स्थानीय विरासत और स्थापत्य शैली से जोड़ते हुए नया रूप दिया गया. नए परिसर के बीच पुराने चाय स्टॉल को भी सुरक्षित रखा गया.
इस तरह एक तरफ आधुनिक सुविधाओं वाला रेलवे स्टेशन तैयार हुआ, वहीं दूसरी तरफ पुराने स्टॉल को संरक्षित करके उससे जुड़ी पुरानी पहचान को बनाए रखने की कोशिश की गई.
जन्मदिन के मौके पर फिर चर्चा में आता है वडनगर
17 सितंबर को नरेंद्र मोदी का जन्मदिन होने के कारण उनके जन्मस्थान वडनगर से जुड़ी जगहों पर लोगों की रुचि बढ़ जाती है. 2026 में नरेंद्र मोदी 76 वर्ष के हो जाएंगे. इस दौरान उनके बचपन और शुरुआती जीवन से जुड़े किस्से भी सामने आते हैं.
वडनगर रेलवे स्टेशन का यह पुराना चाय स्टॉल भी इसी वजह से खास चर्चा में रहता है. आज यह जगह रोजमर्रा की चाय बिक्री के बजाय एक संरक्षित स्थल के रूप में मौजूद है, जिसे नरेंद्र मोदी के बचपन की कहानी से जोड़ा जाता है. हालांकि, इस जगह से जुड़े कई विवरण मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियों पर आधारित हैं.