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‘लोकतंत्र बचाने’ के लिए एक हुआ विपक्ष! 6 सूत्रीय फॉर्मूले पर मोहर, अब राष्ट्रपति के पास पहुंचेगा INDIA गठबंधन

 

नई दिल्ली में बुधवार, 30 सितंबर 2026 को INDIA गठबंधन के प्रमुख विपक्षी दलों की अहम बैठक हुई। बैठक का मुख्य फोकस चुनाव आयोग, मतदाता सूची में संशोधन और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर आगे की संयुक्त रणनीति पर रहा। करीब साढ़े तीन घंटे चली इस बैठक में विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर मिलकर आगे बढ़ने पर चर्चा की।

बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सभी दलों के नेताओं ने इन मुद्दों पर मिलकर आगे की लड़ाई लड़ने और संयुक्त कार्यक्रम चलाने पर सहमति जताई है। उन्होंने बताया कि बैठक में कुछ नेता ऑनलाइन भी जुड़े थे। उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन समेत कई नेताओं ने अपनी बात रखी, जबकि राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अन्य नेताओं की ओर से भी सुझाव दिए गए।

खरगे के मुताबिक, विपक्षी दल अब सिर्फ अलग-अलग स्तर पर प्रतिक्रिया देने के बजाय चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर संयुक्त अभियान चलाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR के तहत मतदाता सूची में होने वाले बदलाव और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों पर चर्चा हुई।

बैठक में किन मुद्दों पर रहा फोकस?

पहला मुद्दा—मतदाता सूची में बदलाव:
विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में होने वाले बदलावों से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक करने और प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग पर चर्चा की। कांग्रेस पहले भी मांग कर चुकी है कि मतदाता सूची में बड़े बदलावों से जुड़ा पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए।

दूसरा मुद्दा—SIR को लेकर आपत्तियां:
SIR के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों ने अपनी चिंताएं रखीं। उनका कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाते हैं, उन्हें इसकी जानकारी और अपील का अवसर मिलना चाहिए। यह विपक्ष की ओर से उठाई गई मांग है; चुनाव आयोग की प्रक्रिया और संबंधित दावों को लेकर अलग-अलग पक्ष मौजूद हैं।

तीसरा मुद्दा—चुनाव आयोग की पारदर्शिता:
बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता का मुद्दा भी प्रमुख रहा। विपक्षी दलों ने इस विषय को संयुक्त रूप से उठाने की रणनीति पर चर्चा की।

चौथा मुद्दा—संयुक्त कार्यक्रम:
बैठक के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक INDIA गठबंधन अब इन मुद्दों पर अलग-अलग दलों की गतिविधियों के बजाय साझा कार्यक्रम आयोजित करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। विपक्षी नेताओं ने संयुक्त रूप से अपनी बात जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया।

पांचवां मुद्दा—चुनाव आयोग तक अपनी बात पहुंचाना:
INDIA गठबंधन के सांसदों की ओर से 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करने का कार्यक्रम भी सामने आया है। इस दौरान विपक्षी दल मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताओं को उठाने की तैयारी में हैं।

छठा मुद्दा—आगे की राजनीतिक रणनीति:
बैठक में नेताओं ने इस पूरे मुद्दे को आगे भी संयुक्त रूप से उठाने और समन्वय बनाए रखने पर चर्चा की। यानी आने वाले दिनों में SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे विपक्षी गठबंधन के साझा राजनीतिक कार्यक्रम का हिस्सा बने रह सकते हैं।

इस बैठक से साफ है कि SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों के बीच समन्वय बढ़ाने की कोशिश हो रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि INDIA गठबंधन अपने प्रस्तावित संयुक्त कार्यक्रमों को किस तरह आगे बढ़ाता है और चुनाव आयोग के सामने अपनी मांगों को किस रूप में रखता है।