जम्मू-कश्मीर में NC की मुश्किलें बढ़ीं, 25 विधायकों का अल्टीमेटम; सांसद रूहुल्लाह भी देंगे इस्तीफा
जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के 25 विधायकों ने नेतृत्व को 14 दिन का अल्टीमेटम देते हुए मांगें पूरी नहीं होने पर सरकार से समर्थन वापस लेने की चेतावनी दी है। विधायकों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार नासिर सोगामी को हटाने और हालिया कैबिनेट विस्तार में शामिल चार नए मंत्रियों को पद से हटाने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव की मांग भी उठाई है।
विधायकों ने नासिर सोगामी पर पार्टी नेतृत्व को गुमराह करने और संगठन के कामकाज में हस्तक्षेप करने के आरोप लगाए हैं। अब सभी की नजरें पार्टी नेतृत्व के रुख पर टिकी हैं।
सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी भी नाराज
पार्टी के अंदर बढ़ते असंतोष के बीच श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने भी इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि वह 3 नवंबर को नेशनल कॉन्फ्रेंस की सदस्यता और लोकसभा सांसद पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा देंगे।
रूहुल्लाह ने पार्टी नेतृत्व पर वैचारिक प्रतिबद्धताओं से पीछे हटने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पार्टी अनुच्छेद 370 पर केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने के अपने वादे पर कायम नहीं रह रही है।
फारूक और उमर अब्दुल्ला से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
विधायकों की बैठक में चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित करने का फैसला लिया गया है। इसकी अगुवाई पार्टी के वरिष्ठ नेता और गुरेज के विधायक नजीर अहमद गुरेजी तथा थानामंडी के विधायक मुजफ्फर इकबाल खान करेंगे।
यह प्रतिनिधिमंडल पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेगा। विधायकों ने फिलहाल नेतृत्व के जवाब का इंतजार करने और उसके बाद आगे की रणनीति तय करने का फैसला किया है।
कैबिनेट विस्तार के बाद बढ़ी नाराजगी
27 अक्टूबर को हुए कैबिनेट विस्तार में नेशनल कॉन्फ्रेंस के चार विधायकों अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद कल्लू को मंत्री बनाया गया था। वहीं, निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था।
इस विस्तार में कई वरिष्ठ विधायकों को मंत्री पद नहीं मिला, जबकि उनके नामों की चर्चा थी। इनमें नजीर अहमद गुरेजी और मुबारक गुल भी शामिल थे। बाद में फारूक अब्दुल्ला ने मुबारक गुल को अली मोहम्मद सागर की जगह पार्टी का महासचिव नियुक्त किया।
पार्टी के भीतर विधायकों की नाराजगी और सांसद रूहुल्लाह के इस्तीफे के ऐलान से नेशनल कॉन्फ्रेंस के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है। अब यह देखना अहम होगा कि पार्टी नेतृत्व असंतुष्ट विधायकों की मांगों पर क्या फैसला लेता है।