Modi Cabinet Meeting: EPF सीमा ₹25 हजार करने पर हो सकता है बड़ा फैसला, Data Protection Board समेत इन प्रस्तावों पर नजर
दिल्ली में आज यानी 16 सितंबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक होने जा रही है। बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा और फैसला होने की संभावना है। इनमें कर्मचारियों से जुड़ा EPF-EPS वेतन सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव, Data Protection Board के लिए पदों के सृजन और भारत-रूस के बीच क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग से जुड़ा प्रस्ताव शामिल बताया जा रहा है।
सबसे ज्यादा चर्चा EPF की अनिवार्य कवरेज सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने के प्रस्ताव को लेकर है। हालांकि, अंतिम फैसला कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
EPF की सीमा ₹25,000 होने पर क्या बदलेगा?
मौजूदा व्यवस्था में अनिवार्य EPF कवरेज के लिए वेतन सीमा ₹15,000 प्रति माह है। सरकार के प्रस्ताव पर मुहर लगती है तो यह सीमा बढ़कर ₹25,000 प्रति माह हो सकती है। इससे इस दायरे में आने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ सकती है और अधिक कर्मचारियों को EPF और EPS जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत लाया जा सकता है।
रिपोर्टों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ओर से इस प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और अब कैबिनेट की मंजूरी महत्वपूर्ण होगी। प्रस्ताव लागू होने की तारीख भी अंतिम निर्णय के बाद तय की जाएगी।
कर्मचारियों की सैलरी पर क्या असर पड़ सकता है?
अगर EPF कवरेज की सीमा बढ़ती है तो ₹15,000 से अधिक और ₹25,000 तक के निर्धारित वेतन वाले कुछ कर्मचारी अनिवार्य EPF-EPS कवरेज में आ सकते हैं।
इसका एक संभावित असर यह हो सकता है कि पात्र कर्मचारियों के वेतन से EPF में योगदान की व्यवस्था लागू होने पर हाथ में मिलने वाली सैलरी और रिटायरमेंट सेविंग्स दोनों पर प्रभाव पड़े। हालांकि, वास्तविक असर कर्मचारी की वेतन संरचना और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।
Data Protection Board के प्रस्ताव पर भी नजर
कैबिनेट की बैठक में Data Protection Board से संबंधित पदों के सृजन का प्रस्ताव भी विचाराधीन बताया जा रहा है। Data Protection Board को डिजिटल पर्सनल डेटा से जुड़े मामलों में नियामकीय और शिकायत निपटान व्यवस्था के तहत महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।
फिलहाल बोर्ड की स्थापना कानूनी ढांचे में हो चुकी है, लेकिन इसके चेयरपर्सन और सदस्यों की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया जारी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अगस्त 2026 तक बोर्ड में चेयरपर्सन और सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई थी।
डेटा प्रोटेक्शन व्यवस्था के तहत कंपनियों और संस्थाओं के पास मौजूद व्यक्तिगत डिजिटल जानकारी की सुरक्षा महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल और अन्य व्यक्तिगत डेटा जैसी जानकारी शामिल हो सकती है।
भारत-रूस के बीच क्रिटिकल मिनरल्स पर सहयोग
कैबिनेट में भारत और रूस के बीच क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग से जुड़े MoU पर भी विचार होने की संभावना है। यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है जब दोनों देश खनिज संसाधनों, सप्लाई चेन और प्रोसेसिंग से जुड़े सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा कर रहे हैं।
हालिया भारत-रूस वार्ता में क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स को सहयोग के संभावित क्षेत्रों में शामिल किया गया था। भारत अपनी क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन को मजबूत करने और खनन से लेकर प्रोसेसिंग तक क्षमता विकसित करने पर जोर दे रहा है।
आज की कैबिनेट बैठक पर क्यों है नजर?
एक ही बैठक में कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल डेटा संरक्षण और रणनीतिक खनिजों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की संभावना के कारण कैबिनेट बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि, इन प्रस्तावों के बारे में अंतिम स्थिति कैबिनेट के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए EPF सीमा को ₹25,000 किए जाने या अन्य प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की खबर को फिलहाल संभावित निर्णय के रूप में ही देखा जाना चाहिए।