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मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी से गरमाई राजनीति: पटना में बयान के बाद भाजपा का प्रदर्शन, कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ केस दर्ज

 

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान को लेकर देश की राजनीति में घमासान मच गया है। बिहार की राजधानी पटना में दिए गए उनके बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा नेताओं ने खड़गे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। सोमवार, 26 अक्टूबर को पटना में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, उनके बयान को लेकर पुलिस में शिकायत भी दी गई है। इस विवाद के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

आखिर मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या कहा था?

यह पूरा विवाद रविवार, 25 अक्टूबर को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। यह कार्यक्रम बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल हुए थे।

कार्यक्रम के दौरान खड़गे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया और चुनावी मुद्दों पर अपनी बात रख रहे थे। इसी बीच दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब तक देश में विद्रोह नहीं होगा, तब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता से नहीं हटेंगे।

इस टिप्पणी के जवाब में खड़गे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनके इस बयान को भाजपा ने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक टिप्पणी बताया। बयान सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया और भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

पटना में भाजपा का प्रदर्शन, खड़गे के खिलाफ नारेबाजी

खड़गे की टिप्पणी के विरोध में सोमवार को पटना में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय से इनकम टैक्स गोलंबर तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी की गई और उनका पुतला भी जलाया गया।

भाजपा नेताओं का कहना है कि राजनीतिक विरोध के दौरान भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि खड़गे ने प्रधानमंत्री को निशाना बनाते हुए व्यक्तिगत टिप्पणी की है। भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व से इस बयान पर स्पष्टीकरण देने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

पुलिस में शिकायत, कानूनी कार्रवाई की मांग

इस विवाद को लेकर भाजपा नेता कृष्ण कुमार सिंह ने पटना के कोतवाली थाने में मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ शिकायत दी। शिकायत में बयान को लेकर कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने खड़गे से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग भी रखी।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घटना से संबंधित शिकायत को लेकर पुलिस स्तर पर आगे की कार्रवाई की बात सामने आई है। हालांकि, शिकायत दिए जाने और प्राथमिकी यानी FIR दर्ज होने में अंतर होता है। इसलिए मामले में कानूनी कार्रवाई की मौजूदा स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

राजनाथ सिंह ने भी साधा निशाना

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी खड़गे के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सरकार की नीतियों का विरोध करने और प्रधानमंत्री से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन राजनीतिक विरोध के दौरान भाषा की गरिमा बनाए रखना भी जरूरी है।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियां राजनीतिक मर्यादाओं को कमजोर करती हैं। पार्टी ने कांग्रेस से बयान पर अपना रुख स्पष्ट करने और खेद जताने की मांग की है।

कांग्रेस ने किया खड़गे का बचाव

विवाद के बीच कांग्रेस नेता प्रियंक खड़गे ने अपने पिता का बचाव किया। कांग्रेस पक्ष का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति की टिप्पणी के जवाब में खड़गे ने यह बात कही थी। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा बयान को उसके पूरे संदर्भ से अलग करके राजनीतिक मुद्दा बना रही है।

कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर भी पलटवार करते हुए कहा कि राजनीतिक बहस में सभी दलों के बयानों को एक समान कसौटी पर परखा जाना चाहिए। इस तरह दोनों पार्टियों के बीच बयानबाजी और तेज हो गई है।

SIR के मुद्दे से शुरू हुआ विवाद, अब आमने-सामने भाजपा-कांग्रेस

खड़गे के भाषण में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया का मुद्दा भी शामिल था। कांग्रेस लगातार इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रही है। इसी राजनीतिक बहस के दौरान हुई टिप्पणी अब एक अलग विवाद का रूप ले चुकी है।

भाजपा इस बयान को प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति अपमानजनक बता रही है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि बयान को उसके संदर्भ में समझा जाना चाहिए। दोनों दलों के बीच यह मुद्दा अब राजनीतिक टकराव का नया कारण बन गया है।

आगे क्या होगा?

फिलहाल इस मामले में भाजपा की ओर से माफी की मांग की जा रही है, जबकि कांग्रेस अपने अध्यक्ष के बयान का बचाव कर रही है। पुलिस में दी गई शिकायत पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर भी नजर बनी हुई है।