मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुलाई इंडिया गठबंधन के नेताओं की लंच बैठक, धरना प्रदर्शन के बाद अगली रणनीति पर चर्चा
नई दिल्ली में चुनाव आयोग और विपक्षी INDIA ब्लॉक के बीच बढ़े टकराव के बीच बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गठबंधन के सांसदों को लंच पर बुलाया है। खड़गे की ओर से यह लंच दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में रखा गया है। लंच में INDIA ब्लॉक के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के शामिल होने की उम्मीद है।इस बैठक को महज लंच के तौर पर नहीं देखा जा रहा है, बल्कि मंगलवार को हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन के बाद विपक्ष की अगली रणनीति तय करने के लिहाज से इसे काफी अहम माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में 'वोट चोरी' के आरोपों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे की कार्रवाई पर चर्चा हो सकती है।
CEC से मुलाकात के लिए सांसद करेंगे हस्ताक्षर
लंच के बाद INDIA ब्लॉक के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात का समय मांगने के लिए एक पत्र पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। विपक्ष लगातार चुनाव आयोग के सामने अपनी शिकायतें रखने और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाब मांगने की कोशिश कर रहा है।विपक्षी दलों की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है। हालांकि चुनाव आयोग ने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर अपना पक्ष रखा है और मंगलवार के घटनाक्रम के बाद आयोग की ओर से यह भी कहा गया था कि उसे निर्धारित तरीके से मुलाकात का अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ था।
मंगलवार को संसद से EC तक निकला था मार्च
इससे पहले मंगलवार को INDIA ब्लॉक के करीब 200 सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च निकालने की कोशिश की थी। विपक्षी सांसद चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग से मुलाकात करना चाहते थे।हालांकि दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शन ने नया मोड़ ले लिया और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस के कई नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए।
करीब 8 घंटे तक चला राहुल-प्रियंका का धरना
आकाशवाणी भवन परिसर में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयुक्तों से मुलाकात की मांग को लेकर कई घंटे तक धरना दिया। यह धरना करीब आठ से नौ घंटे तक चला।राहुल गांधी का कहना था कि जब चुनाव आयोग का कार्यालय पास में है, तो निर्वाचित सांसदों को अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग से मिलने से क्यों रोका जा रहा है। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए सरकार और चुनाव आयोग परसवाल उठाए।
शाम के बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद नेताओं को अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया और बाद में रिहा कर दिया गया।
अब नजर खड़गे के लंच पर
मंगलवार के हाई-वोल्टेज प्रदर्शन के बाद बुधवार का यह लंच INDIA ब्लॉक के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्षी सांसदों के बीच यह तय किया जा सकता है कि आगे चुनाव आयोग के सामने मुद्दा किस तरह उठाया जाए और CEC से मुलाकात के लिए दबाव कैसे बढ़ाया जाए।
यानी मंगलवार को सड़क पर दिखे विपक्षी एकजुटता के बाद अब बुधवार को सागर रत्ना में होने वाली बैठक में आगे की राजनीतिक रणनीति तैयार होने के संकेत हैं। खड़गे का यह लंच ऐसे समय हो रहा है जब 'वोट चोरी', SIR और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है।
राहुल-प्रियंका पर FIR की भी खबर
इस बीच मंगलवार के घटनाक्रम को लेकर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई भी सामने आई है। आकाशवाणी भवन परिसर में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कुछ अन्य नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।
क्या है INDIA ब्लॉक की अगली चाल?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि खड़गे के लंच के बाद विपक्ष क्या कदम उठाता है। क्या सांसदों का प्रतिनिधिमंडल एक बार फिर चुनाव आयोग से मिलने की कोशिश करेगा? क्या CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और तेज होगी? और क्या 'वोट चोरी' का मुद्दा संसद से बाहर भी बड़े राजनीतिक अभियान का रूप लेगा?फिलहाल, मंगलवार के प्रदर्शन के बाद बुधवार का खड़गे का लंच विपक्ष की अगली रणनीति के लिए अहम पड़ाव बन गया है। INDIA ब्लॉक के सांसद एकजुट होकर चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखने की तैयारी में हैं।