ललित मोदी का बड़ा खुलासा, कोच्चि टस्कर्स विवाद में शशि थरूर को बचाने की बनी थी ‘राजनीतिक ढाल’
आईपीएल के पूर्व चेयरमैन Lalit Modi ने 2010 में Kochi Tuskers Kerala फ्रेंचाइजी को लेकर हुए विवाद पर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। वर्तमान में यूके में रह रहे ललित मोदी ने दावा किया कि उस समय विवाद के दौरान कांग्रेस नेता Shashi Tharoor को बचाने के लिए एक "राजनीतिक ढाल" तैयार की गई थी।
2010 का विवाद फिर चर्चा में
#WATCH | IPL founder and first chairman Lalit Modi says, "I know the truth, my friends know the truth. What is there in name clearing? If for 17 years we haven't been able to clear our names, and somebody keeps calling you what they have been calling you, you just live with it… pic.twitter.com/uTypoUmibi
— ANI (@ANI) June 4, 2026
कोच्चि टस्कर्स फ्रेंचाइजी की बोली और उसके स्वामित्व को लेकर वर्ष 2010 में बड़ा विवाद खड़ा हुआ था। उस समय आईपीएल और भारतीय राजनीति दोनों में इस मुद्दे ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। विवाद के बाद शशि थरूर को केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था।
ललित मोदी के नए आरोप
#WATCH | On the 'fugitive' tag, IPL founder and first chairman Lalit Modi says, "I'm not running at all... The Indian government has a long arm. You can't take on the government of India. And I don't intend to, and I don't want to... Not a single case against me has been… pic.twitter.com/zwqALNoY1g
— ANI (@ANI) June 4, 2026
ललित मोदी ने हालिया बयान में दावा किया कि पूरे मामले को एक विशेष राजनीतिक नैरेटिव के तहत पेश किया गया था। उनके अनुसार, विवाद के दौरान कुछ लोगों ने शशि थरूर को राजनीतिक नुकसान से बचाने की कोशिश की और इसके लिए एक रणनीति तैयार की गई थी।
पुराने विवाद पर फिर बहस
मोदी के इन बयानों के बाद एक बार फिर 2010 के आईपीएल विवाद की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई नया आधिकारिक दस्तावेज या सबूत सार्वजनिक नहीं किया है।
कोच्चि टस्कर्स का सफर रहा छोटा
कोच्चि टस्कर्स ने आईपीएल में केवल एक सीजन खेला था। बाद में फ्रेंचाइजी और क्रिकेट प्रशासन के बीच विवाद बढ़ने के कारण टीम का करार समाप्त हो गया और वह लीग से बाहर हो गई।
राजनीतिक हलकों में बढ़ सकती है चर्चा
ललित मोदी के ताजा दावों से राजनीतिक और खेल जगत में नई बहस छिड़ सकती है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
फिलहाल, ललित मोदी के बयान ने एक दशक से अधिक पुराने आईपीएल विवाद को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले को लेकर अलग-अलग पक्षों की राय सामने आ सकती है।