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JNU Sexual Harassment Case: अकोइजाम बोले- जांच रिपोर्ट नहीं मिली, नाम सार्वजनिक कर गोपनीयता तोड़ी

 

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में 11 छात्राओं की ओर से लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में कांग्रेस सांसद एंगोचा बिमोल अकोइजाम ने विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि आंतरिक समिति की जांच पूरी होने की जानकारी तो उन्हें दी गई, लेकिन जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। साथ ही उन्होंने अपना नाम सार्वजनिक किए जाने को गोपनीयता नियमों का उल्लंघन बताया।

जांच रिपोर्ट नहीं मिलने का दावा

अकोइजाम के मुताबिक, उन्हें 9 अक्टूबर को विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति (IC) की ओर से ईमेल मिला था। इसमें जांच पूरी होने की जानकारी दी गई थी। उनका कहना है कि रिपोर्ट में जांच के निष्कर्ष और सिफारिशें शामिल होनी चाहिए थीं, लेकिन उन्हें इसकी प्रति नहीं मिली।

सांसद ने दावा किया कि रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराने से उन्हें अपना पक्ष रखने और कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करने में परेशानी हुई। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित पक्षों को रिपोर्ट पर असहमति जताने और अपील करने का अवसर मिलना चाहिए था।

नाम सार्वजनिक करने पर उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गोपनीयता से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि उनका नाम सार्वजनिक होने से पहले ही उनके खिलाफ माहौल बनाया गया और मीडिया में मामले को लेकर एकतरफा धारणा बनी।

अकोइजाम ने आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए उनका खंडन किया है। हालांकि, यौन उत्पीड़न के आरोपों की सच्चाई और जांच प्रक्रिया को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय होंगे।

JNU ने तत्काल प्रभाव से किया बर्खास्त

विश्वविद्यालय प्रशासन ने आंतरिक समिति की जांच के बाद 9 अक्टूबर को अकोइजाम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, समिति ने जांच के निष्कर्षों के आधार पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की थी।

अकोइजाम ने प्रशासन की कार्रवाई और प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें रिपोर्ट नहीं दी गई। इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।

BJP की महिला सांसदों ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

इस मामले के बीच भाजपा की महिला सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मामले में सख्त कार्रवाई और उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल में कमलजीत सहरावत, बांसुरी स्वराज, मालविका देवी, एस. फांगनोन कोन्याक और गीता शाक्य सहित अन्य नेता शामिल थीं।

पुलिस ने दर्ज की FIR

मामले में JNU के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को वसंत कुंज नॉर्थ थाने में FIR दर्ज की। पुलिस के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

फिलहाल, एक ओर अकोइजाम जांच प्रक्रिया और गोपनीयता को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय की कार्रवाई और पुलिस जांच जारी है। आरोपों से जुड़े तथ्यों का निर्धारण संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।