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भारत-चीन रिश्तों में फिर बढ़ी हलचल, NSA डोभाल की चीनी उपराष्ट्रपति से मुलाकात; सीमा विवाद पर होगी अहम बातचीत
 

 


भारत और चीन के बीच रिश्तों को सामान्य करने की कोशिशों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने बीजिंग में चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा हुई।डोभाल की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर विशेष प्रतिनिधियों (SR) की महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। इसके अलावा सितंबर में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर भी दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हैं।

सीमा पर शांति और स्थिरता पर हुई चर्चा

अजीत डोभाल और हान झेंग के बीच बातचीत में सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने पहले बनी सहमतियों के आधार पर आर्थिक, राजनीतिक और बहुपक्षीय क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के विकल्पों पर भी विचार किया।भारत और चीन के बीच सीमा विवाद लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों में सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में सीमा पर तनाव कम करना दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आज होगी विशेष प्रतिनिधियों की अहम बैठक

डोभाल चीन के विदेश मंत्री वांग यी के निमंत्रण पर बीजिंग पहुंचे हैं। वह वांग यी के साथ भारत-चीन विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत के 25वें दौर में हिस्सा लेंगे।विशेष प्रतिनिधि स्तर की बातचीत की शुरुआत वर्ष 2003 में भारत-चीन सीमा विवाद का समाधान तलाशने के उद्देश्य से हुई थी। दोनों देशों के बीच करीब 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा को लेकर विवाद है।

BRICS सम्मेलन से पहले बढ़ी कूटनीतिक हलचल

डोभाल की चीन यात्रा को सितंबर में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित है।चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सम्मेलन में शामिल होने की संभावना की चर्चा है, हालांकि उनकी भारत यात्रा की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अगर शी जिनपिंग भारत आते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी संभावित बैठक दोनों देशों के संबंधों के लिए अहम हो सकती है।ऐसी बैठक में सीमा विवाद के अलावा व्यापार, आर्थिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना रहेगी।

जयशंकर ने भी सीमा शांति को बताया जरूरी

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में भारत-चीन संबंधों को लेकर कहा था कि दोनों देशों के बीच अच्छे रिश्तों के लिए सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बेहद जरूरी है।उन्होंने 2020 के बाद दोनों देशों के रिश्तों में आए तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि सीमा की स्थिति काफी हद तक द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति को प्रभावित करती है।

चीन ने भी सीमा स्थिति को बताया स्थिर

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने इससे पहले कहा था कि भारत-चीन सीमा की स्थिति फिलहाल सामान्य रूप से स्थिर है।अब डोभाल और चीनी अधिकारियों के बीच बातचीत से यह संकेत मिल रहा है कि दोनों देश सीमा पर तनाव कम करने और संबंधों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाने के रास्ते तलाश रहे हैं। आने वाले दिनों में विशेष प्रतिनिधियों की बैठक और BRICS सम्मेलन इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।