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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता तक, कॉकरोच जनता पार्टी ने रखी ये 5 सूत्रीय मांगे 

 

आज राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके की अगुवाई में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। इस प्रदर्शन में परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई। कड़ी सुरक्षा के बीच हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया।

**यह एक लंबी लड़ाई है - अभिजीत दीपके**

प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि यह आंदोलन लंबे समय तक चलेगा। उन्होंने कहा कि भले ही सोशल मीडिया पर मंत्री के इस्तीफे की मांग एक महीने से चल रही है, लेकिन सरकार कार्रवाई करने के बजाय ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लिए गए और उनकी पोस्ट डिलीट कर दी गईं। दीपके ने कहा, "आप हमारी पोस्ट हटा सकते हैं, लेकिन आप हमें इस जगह से मिटा नहीं सकते।"

**प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें**

प्रदर्शनकारियों ने सिर्फ इस्तीफे की ही मांग नहीं की, बल्कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे भी उठाए।

**1. शिक्षा में डिजिटलीकरण से पहले ट्रेनिंग की मांग**

50 वर्षीय राधेश्याम कैथल ने कहा कि बैंकिंग और शिक्षा में डिजिटलीकरण तेज़ी से बढ़ रहा है, लेकिन इससे जुड़ी गड़बड़ियों की जांच के लिए कोई सिस्टम नहीं है। उन्होंने कहा कि बैंक फ्रॉड बढ़ रहे हैं और इसका असर शिक्षा क्षेत्र में भी दिख रहा है। उन्होंने मांग की कि डिजिटल सिस्टम लागू करने से पहले शिक्षकों को सही ट्रेनिंग दी जाए और उन्हें पूरी तरह तैयार किया जाए।

**2. मणिपुर में शिक्षा व्यवस्था को सामान्य करने की मांग**

मणिपुर के रहने वाले और अभी नोएडा में काम कर रहे 32 वर्षीय विंसन ने कहा कि पिछले तीन सालों से मणिपुर में हालात सामान्य नहीं हैं। स्कूल और कॉलेज प्रभावित हुए हैं और छात्रों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सामान्य करने की मांग की।

**3. प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग**

राजस्थान के जयपुर की रहने वाली 34 वर्षीय गायत्री सिंह ने NEET पेपर लीक का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि उनका एक रिश्तेदार तीन साल से कोटा में तैयारी कर रहा था, लेकिन पेपर लीक होने की वजह से उसे निराशा हाथ लगी। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में विश्वसनीयता और निष्पक्षता की मांग की। 4. छात्रों और अभिभावकों की समस्याओं पर ध्यान देने की अपील

दिल्ली के 18 वर्षीय रौनक कुमार ने कहा कि शुरू में उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि विरोध प्रदर्शन में शामिल हों या नहीं, लेकिन आखिरकार उन्होंने खुद आने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि यह संगठन छात्रों और अभिभावकों से जुड़े अहम मुद्दों को उठा रहा है।

5. मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की मांग

मनोवैज्ञानिक सुगंधा ने कहा कि यह आंदोलन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए लोगों को सड़कों पर ला रहा है। उन्होंने बताया कि कई छात्र मानसिक तनाव से गुज़र रहे हैं और कुछ ने तो आत्महत्या भी कर ली है, फिर भी इस मुद्दे पर कोई जवाबदेही तय नहीं की गई है।

युवाओं की भारी भागीदारी

विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें ज़्यादातर युवा थे। कई प्रदर्शनकारी कॉकरोच के मास्क पहनकर और हाथ में फूल लेकर पहुंचे। स्कूल और कॉलेज के छात्र अपने अभिभावकों के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। भीड़ में स्कूल और कॉलेज के छात्रों के साथ-साथ युवा पेशेवरों की भी बड़ी संख्या देखी गई।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की बढ़ती मांग

CJP ने विरोध स्थल पर कई नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने NEET पेपर लीक, CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में कथित गड़बड़ियों और परीक्षा से जुड़ी अन्य अनियमितताओं को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की। "धर्मेंद्र प्रधान, इस्तीफ़ा दो" और "जय भीम" जैसे नारे भी लगाए गए।