×

उपचुनाव से पहले नौकरशाही से राजनीति में एंट्री! पूर्व DC देबाशीष शर्मा BJP में, बैकफुट पर कांग्रेस?

 

असम में नागांव लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। नागांव के पूर्व डिप्टी कमिश्नर (DC) देबाशीष शर्मा ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। उनके बीजेपी में शामिल होने के बाद चुनावी निष्पक्षता और उनकी पूर्व प्रशासनिक भूमिका को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस ने इस मामले में चुनाव आयोग से शिकायत कर जांच की मांग की है।

क्या नागांव से BJP के उम्मीदवार बनेंगे देबाशीष शर्मा?

देबाशीष शर्मा के बीजेपी में शामिल होने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि क्या पार्टी उन्हें नागांव लोकसभा उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बनाएगी। हालांकि, बीजेपी ने अभी तक उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

असम बीजेपी अध्यक्ष सर्बानंद सोनोवाल ने शर्मा का पार्टी में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शर्मा के प्रशासनिक अनुभव और समाज के विभिन्न वर्गों से उनके जुड़ाव से पार्टी को मजबूती मिलेगी।

पार्टी की ओर से यह भी कहा गया कि देबाशीष शर्मा बीजेपी में शामिल होने से पहले टिकट की मांग लेकर नहीं आए थे। हालांकि, अगर वह चुनाव लड़ने की इच्छा जताते हैं या स्थानीय लोग उनके नाम की मांग करते हैं, तो प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व उनके नाम पर विचार कर सकता है।

प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट

नागांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद हो रहा है। बोरदोलोई ने विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का रुख किया था। वह नागांव सीट से दो बार सांसद रह चुके हैं।

अब इस सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी बीच पूर्व DC का बीजेपी में शामिल होना चुनावी समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

कांग्रेस ने प्रशासनिक भूमिका पर उठाए सवाल

देबाशीष शर्मा के बीजेपी में शामिल होने के बाद कांग्रेस ने उनकी पूर्व प्रशासनिक भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने चुनाव आयोग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

असम कांग्रेस के उपाध्यक्ष आरपी शर्मा ने कहा कि उपचुनाव से ठीक पहले पूर्व अधिकारी का इस्तीफा और फिर बीजेपी में शामिल होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने मीडिया में आई उन खबरों का भी जिक्र किया, जिनमें दावा किया गया था कि देबाशीष शर्मा को चुनावी राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा था।

कांग्रेस नेता ने 15वें वित्त आयोग के तहत जारी धनराशि से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग भी की है। साथ ही उन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई।

चुनाव आयोग से फैसलों की समीक्षा की मांग

कांग्रेस ने यह सवाल भी उठाया है कि पूर्व IAS अधिकारी को आगामी उपचुनाव लड़ने की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं। पार्टी ने चुनाव आयोग से नामांकन प्रक्रिया से पहले पूरे मामले की जांच करने की मांग की है।

इसके अलावा कांग्रेस के धुबरी लोकसभा सांसद रकीबुल हुसैन भी पहले चुनाव आयोग से शिकायत कर चुके हैं। उन्होंने तत्कालीन DC और जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) के तौर पर देबाशीष शर्मा की कथित राजनीतिक निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए थे।

हुसैन ने चुनाव आयोग से उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए चुनाव संबंधी फैसलों और निर्देशों की समीक्षा करने की मांग भी की थी।

6 अक्टूबर को मतदान, 9 अक्टूबर को नतीजे

नागांव लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को वोटिंग होगी, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। चुनाव से पहले देबाशीष शर्मा के बीजेपी में शामिल होने से असम की सियासत में नई चर्चा शुरू हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि बीजेपी उन्हें नागांव से मैदान में उतारती है या किसी अन्य उम्मीदवार पर दांव लगाती है।