Rajasthan में कांग्रेस का सूपड़ा साफ! BJP ने रचा इतिहास, जयपुर-कोटा के साथ गहलोत के गढ़ जोधपुर में भी फहराया परचम
राजस्थान की शहरों की सरकार को लेकर तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। प्रदेश के तीन बड़े नगर निगम जयपुर, कोटा और जोधपुर में महापौर पद पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। इसके साथ ही राज्य के 10 नगर निगमों में से 9 में भाजपा के मेयर हो गए हैं, जबकि बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस के अनिल कल्ला मेयर चुने गए हैं।
25 सितंबर को जयपुर, जोधपुर और कोटा में महापौर पद के लिए मतदान हुआ। इन तीनों शहरों के नतीजों पर खास नजर थी, क्योंकि जयपुर और कोटा में भाजपा के पास मजबूत संख्याबल था, जबकि जोधपुर में मुकाबला बेहद करीबी माना जा रहा था।
जोधपुर में सबसे ज्यादा रोमांचक मुकाबला
जोधपुर का मेयर चुनाव सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। यहां नगर निगम के 100 वार्डों में भाजपा के 45 और कांग्रेस के 44 पार्षद थे। इसके अलावा 10 निर्दलीय और एक अन्य पार्षद का समर्थन निर्णायक माना जा रहा था।
भाजपा ने यहां प्रसन्न चंद मेहता को मैदान में उतारा था, जबकि कांग्रेस की ओर से पूर्व मंत्री राजेंद्र सोलंकी उम्मीदवार थे। दोनों दलों ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए पूरी रणनीति बनाई थी और निर्दलीय पार्षदों के समर्थन को लेकर भी काफी गतिविधियां देखने को मिलीं।
आखिरकार भाजपा के प्रसन्न चंद मेहता ने जीत दर्ज की। इस नतीजे की वजह से जोधपुर में भाजपा ने उस मुकाबले में बढ़त बनाई, जहां चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों के बीच सिर्फ एक पार्षद का अंतर था।
जोधपुर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का राजनीतिक क्षेत्र भी रहा है, इसलिए यहां का मेयर चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए खास राजनीतिक महत्व रखता था।
जयपुर में सुनील कोठारी बने मेयर
राजधानी जयपुर में भी भाजपा ने मेयर पद पर जीत दर्ज की। सुनील कोठारी भाजपा की ओर से उम्मीदवार थे। जयपुर नगर निगम में कुल 150 पार्षद हैं और भाजपा के पास 78 पार्षदों का संख्याबल था, जबकि कांग्रेस के 57 और 15 निर्दलीय पार्षद थे। बहुमत का आंकड़ा 76 था।
चुनाव में भाजपा के सुनील कोठारी ने जीत हासिल की। इसके साथ ही राजधानी जयपुर में शहर की सरकार की कमान भाजपा के हाथ में आ गई।
कोटा में अनुसुईया गोस्वामी की बड़ी जीत
कोटा नगर निगम में भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी ने कांग्रेस की सुनीता सुमन को हराकर मेयर पद अपने नाम किया।
मेयर चुनाव में अनुसुईया गोस्वामी को 65 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार सुनीता सुमन को 35 वोट मिले। इस तरह भाजपा उम्मीदवार ने 30 वोट के अंतर से जीत दर्ज की।
कोटा में चुनाव से पहले भाजपा के पास 57 पार्षद थे। दो निर्दलीय पार्षदों के समर्थन के बाद भाजपा के पक्ष में 59 पार्षदों का आंकड़ा माना जा रहा था। लेकिन अंतिम मतदान में भाजपा प्रत्याशी को 65 वोट मिलने के बाद क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं भी तेज हो गईं।
अब 10 में से 9 नगर निगमों में भाजपा के मेयर
राजस्थान के नगर निगमों में मेयर चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भाजपा के पास राज्य के 10 में से 9 नगर निगमों की मेयर सीटें हो गई हैं। कांग्रेस को केवल बीकानेर में मेयर पद मिला, जहां अनिल कल्ला ने जीत दर्ज की थी।
इन नतीजों में खास बात यह रही कि कुछ नगर निगमों में भाजपा को स्पष्ट बहुमत का फायदा मिला, जबकि कुछ जगहों पर निर्दलीय पार्षदों और क्रॉस वोटिंग ने चुनावी गणित को प्रभावित किया।
जयपुर, कोटा और खासतौर पर जोधपुर के नतीजों के बाद राजस्थान के शहरी निकायों की राजनीति में भाजपा की स्थिति मजबूत हुई है। अब इन नगर निगमों में नई महापौर टीम के सामने शहर की सफाई, सड़क, ट्रैफिक, विकास कार्य और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।