सरकार को CJP की चेतावनी! समझौता नहीं माना तो फिर होगा बड़ा आंदोलन, FIR वापस लेने की उठी मांग
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR तुरंत वापस नहीं ली गई और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा नहीं किया गया, तो संगठन अपना आंदोलन फिर से शुरू कर सकता है।
X पर एक पोस्ट में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को टैग करते हुए रंका ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई न करने के अपने वादे से पीछे हट रही है। उन्होंने दावा किया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली और अन्य राज्यों में कई लोग निगरानी या उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू करने की मजबूरी: आशुतोष रंका ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं करती है, तो CJP को विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR वापस लेने, छात्रों को रिहा करने और इस बात का आश्वासन देने की मांग की कि भविष्य में दिल्ली पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों या BJP शासित राज्यों की पुलिस द्वारा कोई नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी।
रंका ने यह भी मांग की कि सरकार के साथ हुए लिखित समझौते की एक प्रति उन्हें कल तक सौंपी जाए और तय समय-सीमा का पालन किया जाए। यह बयान 22 और 25 जुलाई को बिहार में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद की गई कानूनी कार्रवाई के बाद आया है; वकीलों का दावा है कि राज्य के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में लगभग 200 लोग हिरासत में हैं।