BRICS Summit: दिल्ली में सुरक्षा का कड़ा पहरा, 15 हजार जवान और 200 कंपनियां रहेंगी तैनात
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत किया जा रहा है। 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले सम्मेलन के दौरान दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के हजारों जवान सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, सम्मेलन के मद्देनजर करीब 15 हजार पुलिसकर्मियों के साथ अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां तैनात की जाएंगी।
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा को कई स्तरों में बांटा है, ताकि विदेशी मेहमानों और गणमान्य व्यक्तियों की सुरक्षा में किसी तरह की चूक न हो। साथ ही कोशिश की जा रही है कि सुरक्षा इंतजामों के कारण आम लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
एयरपोर्ट से होटल और आयोजन स्थल तक कड़ी निगरानी
विशेष पुलिस आयुक्त (सुरक्षा प्रभाग) मनीष कुमार अग्रवाल के मुताबिक, सम्मेलन के लिए दिल्ली पुलिस कई सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही वाले रास्तों का सर्वे भी पूरा किया जा चुका है।
दिल्ली एयरपोर्ट, प्रतिनिधियों के ठहरने वाले होटल और संभावित कार्यक्रम स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। भारत मंडपम के आसपास भी बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के लिए पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ भी बैठकें की गई हैं।
500 से ज्यादा CCTV कैमरों से होगी निगरानी
नई दिल्ली इलाके में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें फेस रिकग्निशन सिस्टम और वाहन नंबर प्लेट की पहचान करने वाली तकनीक से लैस कैमरे भी शामिल होंगे।
इन सभी कैमरों को केंद्रीय निगरानी कक्ष से जोड़ा जाएगा, जहां से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियां अलग-अलग स्रोतों से मिलने वाली खुफिया सूचनाओं का लगातार विश्लेषण कर रही हैं और जरूरत के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
10 सितंबर से शुरू होंगे यातायात प्रतिबंध
विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही को देखते हुए दिल्ली में यातायात संबंधी प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, ये प्रतिबंध 10 सितंबर से शुरू होकर 14 सितंबर तक जारी रह सकते हैं।
प्रमुख चौराहों और महत्वपूर्ण मार्गों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। वीवीआईपी काफिलों के गुजरने के दौरान जरूरत के अनुसार ट्रैफिक को नियंत्रित किया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने लोगों से पहले से जारी यातायात एडवाइजरी को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनाने की अपील की है।
कई केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय
ब्रिक्स सम्मेलन की सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), खुफिया ब्यूरो (IB), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया है।
भारत मंडपम में आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र, निगरानी और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है। वहीं जिन होटलों में विदेशी प्रतिनिधिमंडल ठहरेंगे, वहां भी सुरक्षा का स्तर बढ़ाया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि गणमान्य व्यक्तियों के कार्यक्रम और उनकी आवाजाही के हिसाब से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था में जरूरत के मुताबिक बदलाव किए जाएंगे। दिल्ली पुलिस को पहले भी जी-20 जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सुरक्षा संभालने का अनुभव रहा है। इस अनुभव के आधार पर ब्रिक्स सम्मेलन के लिए भी व्यापक सुरक्षा प्लान तैयार किया गया है।